बुधवार, 26 सितंबर 2018

शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसाद पर परिजनों ने लगाया बच्चा बदलने का आरोप,,, अस्पताल परिसर में घंटो चलता रहा हंगामा


 मिशन क्रांति न्यूज
 जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय में निजी अस्पताल चलाने वाले शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस प्रसाद पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है। जी हां सोमवार की रात परिजनों ने उसके स्वस्थ बच्चे को बदलने और मृत बच्चे को उन्हें सौंपने का आरोप लगाया है। डॉक्टर के इस कृत्य से बौखलाए परिजनों ने अस्पताल परिसर में घंटो जमकर हंगामा किया। मृत बच्चे के पिता का आरोप था कि जिला अस्पताल से एक स्वस्थ नवजात बच्चे को गंभीर बताकर बिना परिजनों से पूछे सीधे डॉ. प्रसाद के अस्पताल भेज दिया गया। यहां डॉ. प्रसाद ने बच्चे की दिमाग में चोट की बात कहकर उसे वेंटिलेटर में रखा। दो दिन तक इलाज के दौरान परिजनों ने जब अधिक खर्च कर सकने में असमर्थता जताई तो डॉक्टर ने सोमवार शाम को बच्चे को मृत बता दिया।
परिजनों का आरोप है कि एक स्वस्थ बच्चा अचानक कैसे मर सकता है। उन्होंने डॉक्टर प्रसाद पर उनका बच्चा बदलकर दूसरे को देने और उन्हें मृत बच्चा देने का आरोप लगाया है।
 परिजनों के  मुताबिक जांजगीर थाना अंतर्गत उदयबंद गांव के निवासी पंचराम की पत्नी सविता बाई ने 22 सितंबर को एक बेटे को जिला अस्पताल में जन्म दिया था। पंचराम का कहना है कि अचानक जिला अस्पताल की नर्स बच्चे को गंभीर बताते हुए खुद ही उसे लेकर डॉ. प्रसाद के अस्पताल ले आई।
यहां डॉक्टर ने बच्चे को गंभीर बताते हुए पहले तो भर्ती करने से साफ इंकार कर दिया किया और बाद में जब परिजनों ने रुपए की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया तो डॉक्टर ने बच्चे को एसएनसीयू में रख दिया। परिजनों का आरोप है कि नर्स को पहले परिजनों से सलाह करनी थी, लेकिन कमीशन के लालच में वह सीधे बच्चे को प्रसाद डॉक्टर के पास ले गई। यहां डॉ. आरएस प्रसाद ने बच्चे के बचने की कम संभावना बताते हुए उनके बच्चे को दो दिन बाद मृत बता दिया और उनके स्वस्थ बच्चे को दूसरी दंपति को बेच दिया है। परिजनों ने मांग की उन्हें उनका बच्चा दिया जाए और इसे लेकर पूरी रात अस्पताल में हंगामा चलता रहा।
क्या कहते हैं डाक्टर
डॉ. प्रसाद का कहना है कि बच्चे को इलाज के दौरान एसएनसीयू में रखा गया था और उसकी उनके पास पूरी वीडियो रिकार्डिंग भी है।
परिजनों के सलाह के बिना मरीज को रेफर करना गलत
जिला अस्पताल जांजगीर के सीएमएचओ डॉ. व्ही जयप्रकाश ने बताया कि परिजनों से बिना सलाह मशवरा किए किसी भी मरीज को  रेफर कर सीधे किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराना अनुचित है इस तरह की बात यदि सामने आती है तो जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निजी अस्पताल के संचालक पर भी कार्रवाई होगी।
----

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें