◆ शासन-प्रशासन के महिनों की तैयारी और करोड़ों खर्च के बाववजूद आमजनमानस के हाथों कुछ नहीं लगा।
◆ त्वरित टिप्पणीडायमंड शुक्ला,
संपादक
मिशन क्रांति न्यूज
आजादी के बाद जांजगीर में पहली बार किसी प्रधानमंत्री का आगमन हुआ। जी हां यह जिलेवासियों के लिए ऐतिहासिक पल रहा जब पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 22 सीतंबर 2018 को आगमन हुआ,,जिसे लेकर भाजपा पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के अलावा जिलेवासियों में खासा उत्साह दिखा,,चूंकि यह ऐतिहासिक पल जो था ऐसे में जिलेवासियों में एक नई विकास,नई सौगात की उम्मीद जगी। और जगना लाजमी भी था। आगमन पूर्व शासन- प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा,,और करोड़ो खर्च करने के बाद पीएम जांजगीर के पुलिस ग्राऊंड (खोखरा) में 22 सितंबर को आमसभा को संबोधित किया। अटल विकास यात्रा के दौरान जांजगीर प्रवास पर पीएम ने 3: 30 बजे आमसभा को सम्बोधित किया। जहां श्री मोदी ने सभा संबोधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह कीे विकास की गाथा सुनाया। सरकारी योजनाओं का घंटों गुणगान किया और महज इस अवसर पर पीएम मोदी ने रिमोट का बठन दबाकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में बिलासपुर अनूपपुर तीसरी लाईन का शिलान्यास किया,जबकि लोगों के जेहन में श्री मोदी द्वारा जिले को मेडिकल
कालेज,,,विश्वविद्यालय जैसे कोई बड़ी सौगात दिए जाने उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। लोग कई तरह की अटकलें लगाते देखे गए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहली बार जांजगीर आगमन.के बाद भी जिलेवासियों के लिए कोई बड़ी सौगात ना देना काफी निंदनीय और तकलीफ वाली बात है। उन्होंने ऐसे आयोजनों में फिजुल खर्ची बताया। बहरहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जांजगीर आगमन ऐतिहासिक रहा लेकिन बड़ी सौगात नहीं देने पर लोग सरकार को कोसते हुए नाखुश नजर आए और हो भी क्यों नहीं लोगों की उम्मीदों पर पानी जो फिर गया। विडम्बना तो यह है कि क्षेत्रीय सांसद श्रीमती कमला पाटले ने भी जांजगीर में प्रधानमंत्री प्रवास के दौरान इस ऐतिहासिक पल में अपने उद्बोधन में एक भी बार लोगों की समस्या और मांगों से उन्हें अवगत कराना मुनासिब नहीं समझा,,,उन्होंने भी किसानों की सूध ली ना बेरोजगारों की। सिर्फ किसानों की खुशहाली की बात करते रहे। जबकि यहां समस्याएं इतनी है कि बयां करना मुश्किल है अखबारों की सुर्खियों में आए दिन समस्याओं के बारे में खबर प्रकाशन होते रहता है। बहरहाल शासन-प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था के बीच पीएम आए और मुस्कुराकर चल दिए,, लेकिन किसी जनप्रतिनिधियों को लोगों की समस्याओं से सरोकार नहीं। शायद यही वजह कि लोगों को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली और उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। लोगों को झुनझुना थमा दिया गया और पार्टी के लोग पीएम के आगमन पर खुद की पीठथपथपाते दिखे।
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