मिशन क्रांति न्यूज.
जांंजगीर-चाम्पा। तीर्थयात्रा में बेहतर सुविधा नहीं मिलने से नाराज तीर्थयात्रियों ने श्री त्रिपाठी तीर्थ यात्रा पार्टी के ट्रेवल एजेंट की चांपा में जमकर पिटाई कर दी। यात्रीयों ने ट्रेवल एजेंट पर आरोप लगाया कि झांसा देकर श्री त्रिपाठी तीर्थयात्रा पार्टी जांजगीर द्वारा करीब सैकड़ों यात्रियों को गयाजी, इलाहाबाद,अयोध्या, विन्धयाचल की यात्रा कराई गई। जहां यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा दिलाने के नाम पर बकायदा प्रति यात्री से 15 हजार रुपए लिया गया था। यह यात्रा एक सप्ताह की थी। यात्रा पूर्ण होने के बाद यात्री बस जब चांपा पहुंची। तब अपनी शर्तों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाते हुए यात्रियों ने ट्रेवल एजेंट की जमकर पिटाई कर दी। यात्रियों का कहना था कि उन्हें बीते 21 सितंबर से यात्रा में ले जाया गया था। जहां यात्रियों को 3 दिन में एक बार चाय मिलती थी जबकि ट्रेवल एजेंट हर दिन दो टाईम चाय देने के साथ अच्छी सुविधा दिलाने की बात कहकर यात्रियों को कराने ले गए थे। वहीं भोजन भी समय पर नहीं दिया जाता था। ट्रेवल एजेंट की मनमानी इतनी कि कहीं पर भी शौच के लिए बस रोक दी जाती थी। यात्रीयों के ठहरने के लिए हफ्तेभर में एक भी दीन कोई धर्मशाला तक के इंतजामात नहीं किए गए थे। यात्रियों का आरोप है कि उनसे मोटी रकम लेकर उन्हें ठगा गया...उन्हें धोखा दिया गया। उन्हें यात्रा के दौरान काफी परेशानियां हुई है,,यात्री उक्त मामले की शिकायत का मन बन रहा हैं। बहरहाल ट्रेवल एजेंट द्वारा तीर्थयात्रा के नाम पर गांव के सीधे साधे भोले भाले यात्रीयों से मोटी रकम उगाही का यह सिलसिला बदस्तुर जारी है। इनके खिलाफ शिकायत नहीं किए जाने से ये बेखौफ हैं और तीर्थयात्रा को मोटी कमाई का जरिया बना लिए हैं।
ना पंजीयन, ना यात्रियों की बीमा
तीर्थ यात्रा पार्टी , संस्था अथवा समिति के नाम से रजिस्टर्ड होना चाहिए,लेकिन जिले में त्रिपाठी तीर्थपार्टी के अलावा कई ऐसी संस्था हैं जिनका फर्म सोसायटी अथवा संबंधित विभाग से कोई पंजीयन तक नहीं हैं ऐसे में सरकार को हर साल लाखों का चूना लग रहा है वहीं यात्रियों से मोटी कमाई के फेर में ट्रेवल एजेंट किसी भी तीर्थयात्रियों का बीमा तक कराना मुनासिब नहीं समझते। ऐसे में यात्रा के दौरान कुछ अनहोनी होने पर ट्रेवल एजेंट अपने हाथ खड़े कर लेता है जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है पर सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन ऐसे मामलों पर लापरवाह और उदासीन क्यों है।
कार्रवाही नहीं होने से हौसले बुलंद
जिला मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीर्थयात्रा पार्टी अथवा संस्था के एजेंट काफी सक्रिय हैं जो ग्रामीणों से मोटी रकम ऐंठकर उन्हें यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा दिलाने की बात कहकर झांसे में लेते हैं और उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते हैं लेकिन यात्रा के दौरान उनके सारे दावे खोखले साबित होते हैं, ऐसे में नाराज यात्री घर वापसी के बात खुद को ठगा महसूस करते हैं लेकिन इसकी शिकायत नहीं करते। जिससे ट्रेवल एजेंट के हौसले बुलंद हैं और तीर्थ यात्रा के नाम पर ठगी का सिलसिला अनवरत जारी है। जिस पर शीघ्र लगाम लगना जरूरी है।
उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं शिकायत
जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य मनरमन सिंह ने बताया कि यदि तीर्थयात्रा पार्टी अथवा संस्था के ट्रेवल एजेंट द्वारा तीर्थयात्रा के दौरान बेहतर सुविधा का झांसा दिया गया है और यात्रियों को उक्त सुविधाएं नहीं मिल पाई है तो वे इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं।
जांंजगीर-चाम्पा। तीर्थयात्रा में बेहतर सुविधा नहीं मिलने से नाराज तीर्थयात्रियों ने श्री त्रिपाठी तीर्थ यात्रा पार्टी के ट्रेवल एजेंट की चांपा में जमकर पिटाई कर दी। यात्रीयों ने ट्रेवल एजेंट पर आरोप लगाया कि झांसा देकर श्री त्रिपाठी तीर्थयात्रा पार्टी जांजगीर द्वारा करीब सैकड़ों यात्रियों को गयाजी, इलाहाबाद,अयोध्या, विन्धयाचल की यात्रा कराई गई। जहां यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा दिलाने के नाम पर बकायदा प्रति यात्री से 15 हजार रुपए लिया गया था। यह यात्रा एक सप्ताह की थी। यात्रा पूर्ण होने के बाद यात्री बस जब चांपा पहुंची। तब अपनी शर्तों पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाते हुए यात्रियों ने ट्रेवल एजेंट की जमकर पिटाई कर दी। यात्रियों का कहना था कि उन्हें बीते 21 सितंबर से यात्रा में ले जाया गया था। जहां यात्रियों को 3 दिन में एक बार चाय मिलती थी जबकि ट्रेवल एजेंट हर दिन दो टाईम चाय देने के साथ अच्छी सुविधा दिलाने की बात कहकर यात्रियों को कराने ले गए थे। वहीं भोजन भी समय पर नहीं दिया जाता था। ट्रेवल एजेंट की मनमानी इतनी कि कहीं पर भी शौच के लिए बस रोक दी जाती थी। यात्रीयों के ठहरने के लिए हफ्तेभर में एक भी दीन कोई धर्मशाला तक के इंतजामात नहीं किए गए थे। यात्रियों का आरोप है कि उनसे मोटी रकम लेकर उन्हें ठगा गया...उन्हें धोखा दिया गया। उन्हें यात्रा के दौरान काफी परेशानियां हुई है,,यात्री उक्त मामले की शिकायत का मन बन रहा हैं। बहरहाल ट्रेवल एजेंट द्वारा तीर्थयात्रा के नाम पर गांव के सीधे साधे भोले भाले यात्रीयों से मोटी रकम उगाही का यह सिलसिला बदस्तुर जारी है। इनके खिलाफ शिकायत नहीं किए जाने से ये बेखौफ हैं और तीर्थयात्रा को मोटी कमाई का जरिया बना लिए हैं।
ना पंजीयन, ना यात्रियों की बीमा
तीर्थ यात्रा पार्टी , संस्था अथवा समिति के नाम से रजिस्टर्ड होना चाहिए,लेकिन जिले में त्रिपाठी तीर्थपार्टी के अलावा कई ऐसी संस्था हैं जिनका फर्म सोसायटी अथवा संबंधित विभाग से कोई पंजीयन तक नहीं हैं ऐसे में सरकार को हर साल लाखों का चूना लग रहा है वहीं यात्रियों से मोटी कमाई के फेर में ट्रेवल एजेंट किसी भी तीर्थयात्रियों का बीमा तक कराना मुनासिब नहीं समझते। ऐसे में यात्रा के दौरान कुछ अनहोनी होने पर ट्रेवल एजेंट अपने हाथ खड़े कर लेता है जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है पर सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन ऐसे मामलों पर लापरवाह और उदासीन क्यों है।
कार्रवाही नहीं होने से हौसले बुलंद
जिला मुख्यालय के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीर्थयात्रा पार्टी अथवा संस्था के एजेंट काफी सक्रिय हैं जो ग्रामीणों से मोटी रकम ऐंठकर उन्हें यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा दिलाने की बात कहकर झांसे में लेते हैं और उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते हैं लेकिन यात्रा के दौरान उनके सारे दावे खोखले साबित होते हैं, ऐसे में नाराज यात्री घर वापसी के बात खुद को ठगा महसूस करते हैं लेकिन इसकी शिकायत नहीं करते। जिससे ट्रेवल एजेंट के हौसले बुलंद हैं और तीर्थ यात्रा के नाम पर ठगी का सिलसिला अनवरत जारी है। जिस पर शीघ्र लगाम लगना जरूरी है।
उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं शिकायत
जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य मनरमन सिंह ने बताया कि यदि तीर्थयात्रा पार्टी अथवा संस्था के ट्रेवल एजेंट द्वारा तीर्थयात्रा के दौरान बेहतर सुविधा का झांसा दिया गया है और यात्रियों को उक्त सुविधाएं नहीं मिल पाई है तो वे इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं।

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