गुरुवार, 23 अगस्त 2018

श्रद्धांजलि सभा में हंसी ठिठोली और ठहाके लगाते रहे मंत्री,,,छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे जिम्मेदार नुमाइंदे,,जनप्रतिनिधियों से आखिर क्या उम्मीद करेगी जनता



■ अटल जी के जाने का रंज मात्र गम नहीं पार्टी के चंद नुमाइंदों को,,,आंखें भी नहीं हुई नम...
त्वरित टिप्पणी
डायमंड शुक्ला,,संपादक "मिशन क्रांति न्यूज"
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी के जाने का छत्तीसगढ़ के कुछ मंत्रियों को जरा सा भी शोक नहीं,पछातावा नहीं हैं,,,यह हम नहीं कह रहे,,,बल्कि खुद छ.ग.राज्य के कुछ मंत्रियों ने स्व अटल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के लिए रखी गई एक श्रद्धांजलि सभा में साबित कर दिया,,, जी हां हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और संसदीय मामलों के मंत्री अजय चंद्राकर और जल संसाधन विभाग, कृषि और जैव प्रौद्योगिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, अयाकुट, एंडोमेंट छत्तीसगढ़ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की। जो जनता को उनका रहनुमा बताते हैं,,,छत्तीसगढ़ के मंत्रीमंडल में जिम्मेदार पद पर होते हुए भी स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी के एक श्रद्धांजलि सभा में मंच में बैठकर अजय चंद्राकर और बृजमोहन आपस में खुलेआम हंसी ठिठोली करते नजर आए...


यहां यह बताना लाजमी होगा कि उक्त श्रद्धांजलि सभा में भाजपाई श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे जहां स्व. अटल बिहारी बाजपेयी का अस्थि विविध नदियों में विसर्जन करने के लिए अस्थि कलश लेने सभी जिले से भाजपा के पदाधिकारीगण भी पहुंचे थे...इस सभा में यह बात तो साफ हो गया कि मंच में किसी के आदर्श पर चलने और उनके अमर होने की बड़ी बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि किस तरह से उनकी श्रद्धांजलि सभा को मजाक बना कर रख देते हैं यह इसका ताजातरीन उदाहरण है...और यह सब भाजपा के सभी शीर्ष नेतागण,दिग्गज, और सारे मंत्रियों के सामने सार्वजनिक रूप से सामने आया...ऐसे में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को नसीहत देने वाले  खुद को जनमानस का रहनुमा बताने वाले भला ऐसे नेताओं से राज्य  के विकास और बदलाव की कल्पना बेमानी है पर अफसोस इन मंत्रियों की इतनी किरकिरी होने के बावजूद इन्हें अपने किए पर जरा सा भी अफसोस नहीं है...क्या ऐसे नेताओं के बलबूते राज्य और देश का सर्वांगिण  विकास हो पाएगा,,,क्या ऐसे कर्णधार राज्य और राष्ट्र की सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण में अपनी भूमिका निभा पाएंगे... यह बड़ा सवाल है पर जवाब के लिए मुंह बंद है...चुप्पी साधे हैं।

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