बुधवार, 31 मई 2017

सुरक्षा परिषद मे स्थाई सदस्यता के लिए भारत प्रबल दावेदार - राजू महंत

0 भौगोलिक,राजनैतिक,आर्थिक व सामाजिक दृष्टिकोण से पूरी तरह परिपूर्ण
0 विश्व का सबसे बड़ा लोक तांत्रिक देश है भारत
जांजगीर चाम्पा। भारत संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक देश रहा है,अब तक सात बार सुरक्षा परिषद का सदस्य चुना जा चुका है भारत को अस्थायी सदस्यता के चुनाव में अभूतपूर्व समर्थन मिला। सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत प्रबल दावेदार है। उक्त बातें भाजयुमो के जिलाध्यक्ष राजू महंत ने कही वे दैनिक आज की जनधारा से चर्चा कर रहे थे। श्री महंत ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 1945  में 70  साल पहले हुई थी। जिसमें पांच बड़े व शक्तिशाली देशों को सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता प्रदान की गई थी। चार्टर के अध्याय पांच में परिषद के गठन का वर्णन है। यह संयुक्तराष्ट्र संघ का कार्यकारी अंग हैं तथा विश्वशांति व सुरक्षा के लिए मूल रूप से उत्तरदायी है। मूल चार्टर में 11 सदस्य थे जिसमें 5  स्थाई व 6 रूस,चीन,फ्रांस व ब्रिटेन स्थाई देशों में शामिल है। अस्थाई सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा दो तिहाई बहुमत से 2 साल के लिए चुना जाता है,,,संयुक्तराष्ट्र संघ की जिम्मेदारी शांति,सुरक्षा के अलावा संयुक्त राष्ट्र में नए राष्ट्रों का प्रवेश,महासचिव का चयन,अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ती,चार्टर में संशोधन,सदस्यों का निष्कासन आदि विषयों पर महासभा के निर्णय के पहले सुरक्षा परिषद की सहमती आवश्यक है इसिलिए सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे शक्तिशाली व महत्वपूर्ण अंग है।इसकी स्थाई सदस्यता किसी भी देश के लिए शक्ति व प्रभाव का प्रतिक है। श्री महंत ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत देश की स्थाई सदस्यता पर जोर देते हुए कहा कि भारत भौगोलिक,राजनैतिक, आर्थिक व सामाजिक दृष्टिकोण से पूरी तरह परिपूर्ण है, विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है,,,भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टिकोण से भी काफी प्रबल है, वहीं विश्वशांति में भी भारत देश की महती भूमिका रहा है जिसे कतई नकारा नहीं जा सकता है। इसके बावजूद भारत देश को संयुक्तराष्ट्र संघ में स्थाई सदस्यता नहीं मिल पाना अनुचित है,,,उन्होने कहा कि विश्व शांति की बात करें तो उसमें भी हमारे देश की महत्वपूर्ण भूमिका रही,,,भारत ने 1950 - 53  तथा के कोरिया युद्ध व हिन्द चीन की समस्या में मध्यस्थता कर शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है भारत ने हमेशा परमाणु नि:शक्तिकरण की एक व्यापक व सुनीयोजित योजना प्रस्तुत की है। भारत ने सदैव आतंकवाद का विरोध किया है। भारत लंबे समय से आतंकवाद का दंश झेल रहा है लेकिन इसके बावजूद भारत ने कभी भी हिंसा व मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं किया है।भारत समय-समय पर विश्वमंच में आतंकवाद के खिलाफ आवाज मुखर करता रहा है व शांति स्थापना पर जोर देता रहा है इसलिए विश्व शांति व पड़ोसी देशों के साथ भारत का सौहार्दपूर्ण संबंध भारत की स्थाई सदस्यता का मजबूत आधार है।

शुक्रवार, 5 मई 2017

सरपंच की मिलीभगत से निस्तारी तालाब में अवैध ईंट भट्ठे का कारोबार

कार्यवाही के नाम पर खनिज विभाग के अफसरों ने लेनदेन कर की खानापूर्ति
जेसीबी से काट दिए गए हैं तालाब के पार, विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह का मामला

मिशन क्रांति न्यूज , जांजगीर.चांपा। ग्राम पंचायत बम्हनीडीह की महिला सरपंच की मिलीभगत से निस्तारी तालाब में ईंट भटृठे का कारोबार धडल्ले से चल रहा है सरपंच पति का दावा है कि पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित कर संबंधित को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति दी गई है। भट्ठा संचालक तालाब और उसके पार की अवैध रूप से खुदाई करवाकर लाखों की संख्या में ईंट बनवा रहा है। विकासखंड मुख्यालय में कई वरिष्ठ अफसर पदस्थ होने के बावजूद ईंट भट्ठा संचालक सारे नियम.कायदों को ताक पर रखकर अपना अवैध कारोबार जारी रखे हुए है।
जिले भर में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। किसी ने खेत में भट्ठा लगाया है तो कोई सरकारी जमीन में भट्ठा लगाकर मोटी रकम कमा रहा है। विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में तो ईंट भट्ठा लगाने सारे नियम.कायदों को ताक पर रख दिया गया है। दरअसलए बम्हनीडीह बस्ती के बाहर एक निस्तारी तालाब बोकरमाल स्थित हैए जो गर्मी की वजह से वर्तमान में पूरी तरह सूख गया है। मुख्य मार्ग से गुजरते समय यह तालाब आसानी से नजर नहीं आता। आसपास पेड़ और मकान होने से इस तालाब पर बाहरी लोगों की नजर तक नहीं पड़तीए जिसका सरपंच और उसके पति ने पूरा फायदा उठाया है। बम्हनीडीह सरपंच और उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट के फरमान की धज्जियां उड़ाते हुए इस तालाब को ईंट भट्ठा लगाने के लिए किराए पर दे दिया है। बताया जा रहा है कि सरपंच ने इस तालाब में ईंट भट्ठा लगवाने के लिए ग्राम पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित किया हैए जिसके आधार पर तालाब में भट्ठा लगाने ग्राम के ही बसंत कुम्हार नामक व्यक्ति को खुली छूट दी गई है। इसकी जानकारी होने पर बुधवार को जब कुछ मीडियाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया तो वहां कई चौंकाने वाली बाते सामने आई। पूछताछ में पता चला कि बम्हनीडीह सरपंच और उसके पति ने बसंत कुम्हार नामक जिस व्यक्ति को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति दी हैए उस अवैध कारोबार का संचालन असल में बम्हनीडीह निवासी मिट्ठू जायसवाल और उसका पुत्र कर रहा है। बसंत कुम्हार नामक व्यक्ति केवल मोहरा हैए जबकि वास्तव में तालाब में लगे सारे भट्ठे मिट्ठू जायसवाल और उसके पुत्र के हैं। सरपंच और उसके पति के संरक्षण में पिता.पुत्र ने कायदे.कानून और सुप्रीम कोर्ट के फरमान की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन्होंने तालाब के चारों ओर पार को एक्सीवेटर से कटवा दिया हैए जिससे निकली मिट्टी का उपयोग ईंट तैयार करने में किया जा रहा है। तालाब के भीतर अवैध रूप से बोर उत्खनन भी करवाया गया हैए जिसके पानी से ईंट बनवाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहींए ईंट पकाने के लिए यहां चोरी के कोयले को धड़ल्ले से खपाया जा रहा है।
लेनदेन कर मामला निपटाने की पेशकश
बुधवार की दोपहर तालाब के भीतर संचालित ईंट भट्ठे में कुछ मीडियाकर्मियों के पहुंचकर फोटोग्राफ्स लिए जाने की खबर जैसे ही भट्ठा संचालक मिट्ठू जायसवाल के पुत्र तक पहुंचीए वह तत्काल वहां पहुंचा। पहले तो उसने खुद को ईमानदार बताते हुए नियमों के तहत भट्ठा संचालित होने की बात कहीए लेकिन जब उसकी दाल नहीं गली तो वह सेटिंग करने लगा। भट्ठा संचालक के पुत्र ने मौके पर सरपंच पति टीमन सिंह राज को भी बुलवा लिया और उससे सिफारिश कराईए लेकिन बात नहीं बनता देख वह खुद के गरीब होने की दुहाई देते हुए किसी तरह मामले को रफा.दफा करने की मिन्नतें करने लगा। मगर मीडियाकर्मियों के आगे उसकी एक न चलीए तब सरपंच पति टीमन सिंह राज ने कहा कि तालाब के भीतर संचालित भट्ठा अवैध नहीं है। इसके लिए बकायदा पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है।
सरपंच पति के संरक्षण में अवैध कारोबार
मौके पर उपस्थित सरपंच पति टीमन सिंह राज ने कहा कि कोई अफसर आ जाएए ईंट भट्ठा संचालक का कुछ बिगाड़ नहीं सकता। इतना कहकर सरपंच पति वहां से चला गया। इसके बाद भी भट्ठा संचालक मिट्ठू जायसवाल का पुत्र काफी देर तक इस मामले को मीडिया तक नहीं लाने की गुहार लगाता रहा। इस पूरे वाक्ये में एक बात यह सामने आई कि भट्ठा संचालक ने अवैध कारोबार को अंजाम देने स्थानीय अफसरों से तगड़ी सेटिंग कर रखी है। वहीं खनिज विभाग के अफसरों को मुंहमांगी रकम दी गई हैए तभी तो मुख्य मार्ग में स्थित तालाब के भीतर अवैध रूप से ईंट भट्ठा संचालित होने के बाद भी जिम्मेदार अफसर आंखों में काली पट्टी बांधकर धृतराष्ट बने हुए हैं।
जुर्माना ठोंककर निपटा दिया मामला
बम्हनीडीह के निस्तारी तालाब में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे की शिकायत कुछ दिन पहले खनिज विभाग के अफसरों तक पहुंची थीए तब खनिज निरीक्षक बंजारे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे भी थे। मौका मुआयना करने के बाद टीम ने भट्ठे की सभी ईंटों को जब्त कर संचालक पर 12 हजार रुपए जुर्माना किया था। साथ ही संचालक को चेतावनी दी थी कि ईंट और वहां रखे सारे सामान उसी स्थिति में होने चाहिएए जिस स्थिति में टीम ने वहां छापा मारकर जब्ती कार्यवाही की है। भट्ठा संचालक ने जुर्माने की राशि का चालान बैंक में जमा तो करवा दियाए लेकिन टीम के वहां से जाने के चंद घंटे बाद सरपंच और उसके पति के संरक्षण में यह अवैध कारोबार फिर शुरू हो गयाए जो लगातार जारी है। खास बात यह है कि भट्ठे में पहुंचकर ईंटों की जब्ती बनाने वाली खनिज विभाग की टीम ने दोबारा वहां पहुंचकर वर्तमान हालात का जायजा लेना तक मुनासिब
उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन
ग्राम पंचायत बम्हनीडीह के सरपंच और उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को खुला चैलेंज किया है। यही वजह है कि नियमों को ताक पर रखकर निस्तारी तालाब में अवैध ईंट भट्ठा का कारोबार जारी है। सरपंच पति टीमन सिंह राज का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के किसी आदेश.निर्देश की परवाह नहीं करता। तालाब को ईंट भट्ठा के लिए देने के संबंध में ग्राम पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित हुआ है। यदि चाहें तो सूचना का अधिकार के तहत आवेदन देकर प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति ले सकते हैं। उसका यह भी कहना है कि उसकी पहुंच ऊपर तक है। वह बड़े.बड़े नेता और कई प्रशासनिक अफसरों को अपनी जेब में लेकर चलता है। यहां बताना लाजिमी होगा कि प्राकृतिक जलस्त्रोतों के संरक्षण को लेकर एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट गंभीर है और लोगों की निस्तार की समस्या को देखते हुए कलेक्टर की पहल पर नहरों के माध्यम से तालाबों को भरने का प्रयास किया जा रहा हैए वहीं दूसरी ओर विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में सरपंच और उसके पति ने नियम.कायदों को ताक पर रखकर चंद रूपयों की खातिर निस्तारी तालाब को ही किराए पर दे दिया है।
कार्यवाही के लिए दिया निर्देश
निस्तारी तालाब में ईंट भट्ठा लगाना गैरकानूनी है। सरपंच या ग्राम पंचायत को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने के लिए अनुमति देने का अधिकार नहीं है। खनिज अधिकारी को मौके पर भेजकर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्यवाही होगी।
.डीके सिंह अपर कलेक्टरए जांजगीर

शनिवार, 29 अप्रैल 2017

दीवान रिसोर्ट में 26 बटुकों का हुआ उपनयन संस्कार

मिशन क्रांति न्यूज,,जांजगीर-चांपा। भगवान परशुराम जयंती व अक्षय तृतिया के शुभ अवसर पर कचहरी चौक के नजदीक स्थित दीवान रिसोर्ट में सरयूद्विज ब्राह्मण महिला समिति द्वारा 26 बटुकों का उपनयन संस्कार  कराया गया। सुबह से ही महिला संगठन उपनयन संस्कार की तैयारी में जोरशोर से जुट गए थे,,, सभी बटूकों द्वारा विधी विधान से भगवान की पूजा अर्चना  गई,,,उक्त कार्यक्रम में बटुकों के माता-पिता व सभी ब्राम्हणों ने भीक्षा स्वरूप बटूकों को दान  दिए,,आचार्य द्वारा बटूकों को शिक्षा- दीक्षा दिया गया। महिला समिति ने उपनयन संस्कार में पहुंचे सभी ब्राह्मणों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की। दीवान रिसोर्ट में सुबह से शाम तक ब्राह्मण समाज के लोगों की भीड़ जुटी रही।
पांच साल से करा रहे उपनयन संस्कार
सरयूद्विज ब्राह्मण महिला समिति द्वारा दीवान रिसोर्ट में 2012 से से अब तक पिछले पाँच सालों से उपनयन संस्कार कराया जा रहा है,,,इसी परिपेक्ष्य में इस वर्ष भी बटूकों का उपनयन संस्कार धार्मिक विधि विधान से कराया गया। उक्त महिला समिति द्वारा यह उपनयन संस्कार का  छठवां साल था। जो सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

गुरुवार, 27 अप्रैल 2017

किसान पुत्र रोशन का टॉप टेन में चौथा स्थान,,,कलेक्टर बनकर जनसेवा करने की दिली तमन्ना

 मिशन क्रांति न्यूज जांजगीर चाम्पा। कामयाबी हासिल करने के लिए जरूरी नहीं कि हर सुख सुविधाएं हो, इसके अभाव में भी ईमानदारी से मेहनत व लगन से सफलता हासिल की जा सकती है, इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है ग्राम करनौद के एक किसान सीताराम देवांगन के होनहार पु़त्र रोशन देवांगन ने,  जिसने बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में 96.80 फीसदी अंक अर्जित कर टॉप टेन सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है। छात्र की इस उपलब्धि ने जिले के सम्मान में एक और अहम कड़ी जोड़ दी है।माता पिता के आंखों से खुशी के आंसु छलक रहे हैं
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर ने गुरूवार को बारहवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं। दसवीं की तरह बारहवीं का परीक्षा परिणाम भी जिलेवासियों के लिए गौरवपूर्ण रहा है। बारहवीं की परीक्षा में जहां जिले का परिणाम अच्छा आया है। वहीं जिले के बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत ग्राम करनौद के एक होनहार छात्र रोशन देवांगन ने मेरिट लिस्ट में चौथा स्थान बनाकर खुशी में चार चांद लगा दिया है।
 होनहार छात्र रोशन देवांगन ने बताया कि वह रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करता था। कक्षा बारहवीं में पहुंचने के बाद उसने मन में ठान लिया था कि वह हर हाल में बेहतर परिणाम लाकर रहेगा। इसी मकसद को ध्यान में रखते हुए उसने कठिन परिश्रम कियाए जिसका परिणाम आज सामने है। उसने आगे बताया कि वह भविष्य में कलेक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहता है। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए उसने बताया कि वह किसान परिवार से है। उसके पिता सीताराम देवांगन खेती.किसानी उसे अच्छी तालीम दे रहे हैं। वह अपने माता.पिता के अरमानों को पूरा करते हुए उन्हें सुख तथा सम्मान देना चाहता है।
पुत्र को बडा अफसर बनाने हरसंभव प्रयास
अपने पुत्र की कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए किसान सीताराम देवांगन ने कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि उसके पुत्र ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने बताया कि वे खेती.किसानी करके अपने पुत्र को बड़ा अफसर और अच्छा इंसान बनाना चाहते हैं। वे इसके लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। आंखों में खुशी के आंसू लिए होनहार छात्र रोशन की मां जानकी बाई देवांगन ने कहा कि आज उसके पुत्र ने कमाल कर दिखाया है। उसे उम्मीद है कि आगे भी सफलता उसके पुत्र की कदम चूमेगीए क्योंकि वह एक लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। छात्र रोशन के माता.पिता ने कहा कि वे अपने पुत्र के लक्ष्य को पूरा कराने हरसंभव प्रयास करेंगे।
छात्र रोशन के परिजनों ने बताया कि सुबह जब कक्षा बारहवीं का परीक्षा परिणाम जारी हुआ और मेरिट सूची में दर्ज छात्रों के नामों की घोषणा की गई तभी उनके पास फोन आया और बताया गया कि छात्र रोशन ने मेरिट लिस्ट में चौथा रैंक बनाया है। इसके बाद स्वामी विवेकानंद स्कूल करनौद के शिक्षकों से संपर्क किया गया तब सबकुछ स्पष्ट हो गया। इसके बाद उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

बिना सेवा बढे रोजगार सहायक करा रहे लाखों का काम ! कामकाज में गडबडी होने पर आखिर कौन होगा जिम्मेदार

विभागीय अमला शासन की महती योजना के क्रियान्वयन में भी बरत रहे घोर लापरवाही
मिशन क्रांति न्यूज जांजगीर-चाम्पा। ग्रामीणों को गांव में ही काम उपलब्ध कराने की मंशा से शुरू की गई महात्मा गांधी रोेजगार गारंटी योजना का काम इस वित्तीय वर्ष ऐसे रोजगार सहायकों के भरोसे कराया जा रहा है जिनकी सेवा वृदिध अब तक बढाई ही नहीं जा सकी है। ऐसे में सरकारी काम पर सवालिया  निशान उठने लगा है, क्योंकि आंकडों पर जाएं तो मनरेगा के काम में ही सबसे अधिक फर्जीवाडा हुआ है,,,इसके बावजूद मनरेगा का काम गैर जिम्मेदार लोगों से कराया जा रहा है, जो विभागी अमलों की घोर लापरवाही को उजागर करता है। बहरहाल मनरेगा का काम धडल्ले जारी  है और विभाग तमाशबीन की तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
      जिले के तकरीबन 631 ग्राम पंचायतों के लगभग ज्यादातर गांवों में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत तालाब गहरीकरण,सडक निर्माण, व नया तालाब निर्माण सहित कई अन्य काम कराए जा रहे है लेकिन इस साल मनरेगा के काम में ऐसे लोगांे को जिम्मेदारी सौंपी गई है,,, जिन रोजगार सहायकों की अब तक सेवा वृदिध ही नहीं बढ पाई है जिससे वे काम कराने अधिकृत ही नहीं है, ऐसे में वे बेरोकटोक लाखों का काम करा रहे हैं,, अब सवाल यह उठता है कि यदि उक्त कामों में किसी तरह की बडी गड़बड़ी अथवा फर्जीवाड़ा का खेल हुआ तो उसके लिए आखिर विभागीय अमला किसको जिम्मेदार ठहराएंगे,,हालंाकि मनरेगा के काम की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत होता है लेकिन कार्य स्थल पर मजूदरी की उपस्थिति से लेकर मस्टर रोल भरना व मनरेगा के संपूर्ण कामकाज की जिम्मेदारी रोजगार सहायक का होता है, यदि बगैर पुर्न नियुक्ति के कामकाज संभालने वाले रोजगार सहायकों द्वारा किसी तरह अनियमितता बरती जाती है तो इसके लिए आखिर विभागीय अमला किसको जिम्मेदार मानेंगे,,यह एक बडा सवाल है लेकिन इसके बावजूद आंख मूंदकर जिम्मेदार अधिकारी इस काम को बेरोकटोक अमलीजामा पहनाने लगे हैं, बहरहाल बात जो भी हो लेकिन जिले के पूरे 9 ब्लाक के ज्यादातर ग्राम पंचायत में मनरेगा का काम किया जा रहा है। जिसकी नजर किसी की नहीं पडी है हालांक कुछ जानकार दबी जुबान से इस बात को अनुचित ठहरा रहे हैं  पर इसकी ना तो अब तक शिकायत हुई है और ना ही विभागीय अमला इसे गंभीरता स ेले रही है क्योंकि उन्हें इस बात की जरा भी फिक्र नहीं कि कामकाज के दौरान यदि किसी तरह अनियमितता आती है तो उसके लिए दोषी किसे माना जाएगा और कार्रवाई की गाज किस पर गिरेगी। बहरहाल जिम्मेदार अफसरों की वजह से इस तरह केंद्र सरकार की महती योजना का भी हाल बेहाल है जहां मनमाने ढंग से अपनी सुविधानुसार अफसर काम करा रहे हैं जिसका ताजा उदाहरण यही है कि रोजगार सहायकों की सेवावृदिध नहीं बढ़ पाई है और काम धडल्ले से जारी हैं।
मनरेगा के काम में गड़बड़ी  होने पर कौन होगा दोषी
महात्मा गांधी का काम सुचारू ढंग से चले इसके लिए बकायदा हर ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायकों की नियुक्ति की गई है,चूंकि ये संविदा कर्मचारी हैं,जिनकी हर साल 28 फरवरी को सेवा समाप्त हो जाती है उसके बाद पुनः कामकाज सही पाए जाने पर सेवा वृदिध बढा दी जाती है लेकिन इस वित्तीय वर्ष रोजगार सहायकों की सेवा वृदिध अब तक नहीं बढाए जाने की बात सामने आ रही है पर मजे की बात तो यह है कि इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की शह पर रोजगार सहायक मनमाने ढंग से मनरेगा का काम करा रहे हैं ऐसे में अनियमितता व गडबडी में दोषी किसे माना जाएगा और कार्रवाई किस पर होगी। यह संशय बरकरार है।
सरपंच और सचिव की गैरमौजूदगी में होता है मनरेगा का काम
ज्यादातर पंचायतों में गांधी रोजगार गांरटी योजना का काम गैरमौजूदगी में होता है क्योंकि सरपंच व सचिव मनरेगा के कामकाज की संपूर्ण जिम्मेदारी रोज मेंगार सहायक को सौंप दिए रहते हैं ऐसे में वे अपनी जवाबदारी से मुंह मोड लेते हैं जिसके चलते रोजगार सहायक मेट के जरिए मनमाने ढंग से काम कराता है कई बार लापरवाही के चलते अनियमिता की शिकायतें सामने आती है और इसका खामियाजा सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक सहित मजदूरों को भुगतना पडता है,,मजदूरों की समय पर मजदूरी भुगतान नहीं हो पाता है। यह सब सरपंच व सचिव की  गैरमौजूदगी के चलते होता है,वहीं इस साल तो बिना सेवा वृदिध बढे रोजगार सहायक काम करा रहे हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मनरेगा का कामकाज किस ढंग से कराया जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
रोजगार सहायकों की नियुक्ति के संबंध में पूछे जाने पर मनरेगा के एपीओ विजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें रोजगार सहायकों की नियुक्ति के संबंध में किसी तरह की जानकारी नहीं है,चूंकि रोजगार सहायक का नियोक्ता जनपद सीईओ होता है,,,हालांकि महात्मागांधी रोजगार गारंटी योजना का काम पंचायतों में रोजगार सहायकों द्वारा कराया जा रहा है। जनपदों से किसी तरह रोजगार सहायकों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

बुधवार, 26 अप्रैल 2017

भाजपा के सभी मंत्री भ्रष्ट,, कमिशनखोरी का चल रहा खुला खेल - मंजू सिंह



मंत्रियों को सीएम द्वारा कमिशनखोरी बंद करने पर 30 साल तक सत्ता में आने की नसीहत को कांग्रेसियों ने ठहराया अनुचित,,
कांग्रेसियों ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से की चर्चा,,,,सीएम के बेतुका बयान की कडी निंदा
मिशन क्रांति न्यूज,,जांजगीर-चाम्पा। भाजपा के शासन काल में सभी मंत्री भ्रष्ट है,,इस बात का खुलासा खुद छत्तीसगढ के सीएम डा रमन सिंह ने भाजपाईयों के सामने किया है,,,वे इस बात को स्वीकार रहे हैं,, शायद यही वजह के कि उन्होंने भाजपा बैठक में इस बात को स्वीकार करते हुए भाजपा के मंत्रियों को सिर्फ एक साल भ्रष्टाचार नहीं करने की नसीहत दे डाली, साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसा करते हैं तो भाजपा पिछले 30 साल से सत्ता में रहेगी। आज प्र्रशासनिक कसावट पूरी तरह खत्म है, अफसरसाही हावी है,लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी दफतरों में अपने काम के लिए रिश्वत देना पडता है, जिससे लेागों में काफी नाराजगी है। उक्त बातें कांग्रेस की जिलाध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह ने बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। ेत पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में भ्रष्टाचार चरम पर है,,,जिससे जनता हलाकान है आने वाले समय में 2018 के चुनाव में जनता इस बात सरकार को करारा जवाब देगी। उन्होंने छत्तीसगढ की सरकार द्वारा दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेसियों द्वारा हमेशा भ्रष्टाचार पर लगाम लगने आंदोलन हुआ है,चाहे वह नान घोटाला हो या जिले का गणवेश घोटाला हो, कांग्रेसियों ने उक्त भ्रष्टाचार के लिए आवाज मुखर की जिसका प्रकरण न्यायालय में लंबित है। प्रेसवार्ता में जांजगीर चाम्पा के विधायक मोतीलाल देवांगन ने भी भाजपा सरकार द्वारा भाजपा के मंत्रियों को एक साल कमिशन न लेने की सीख पर प्रहार करते हुए कहा कि सरकार खुद अपने नुमाइंदों को एक साल कमिशनखोरी बंद करने का मशवरा दे रहे हैं,,भला ऐसी सरकार से जनता क्या उम्मीद करेगी , आज हर आम जनमानस भाजपा के कार्यकाल से असंतुष्ट है,,,जिससे कांग्रेस पार्टी  पर भरोसा बढा है। श्री देवांगन ने आगे कहा कि आज भ्रष्टाचार चरम पर है, प्रशासनिक कसावट  पूरी तरह खत्म है,उन्होंने भाजपा सरकार को कटघरे में खडा करते हुए कहा कि जरा सीएम बताएं कि उन्हें कितना प्रतिशत कमिशन जाता है। अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू ने भाजपा के सभी को कमिशनखोर बताया, और कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर करेंगें,,साथ ही भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए आवाज बुलंद किया जाएगा। जिसके लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। कांग्रेसियों ने कहा कि नैतिकता के आधार पर सीएम को इस्तिफा देना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ सरकार के उक्त कथन को भ्रष्टाचार को बढावा मिलने की बात कहते हुए जमकर नाराजगी जाहिर की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य विजय लक्ष्मी सामले,आभाष बोस,भगवान दास गढेवाल सहित बडी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे
 हर ब्लाक में सीएम का होगा पुतला दहन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ सरकार द्वारा मंत्रियों को एक साल कमिशन नहीं लेने की नसीहत को अनुचित ठहराते हुए कहा कि उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तिफा देना चाहिए,, इसके लिए कांग्रेसियों द्वारा राष्टपति व राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, और उनके इस्तिफे की मांग को लेकर जिले के सभी ब्लाक में सीएम डा रमन सिंह का पुतला दहन किया जाएगा, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई को लेकर नई रणनीति तैयार की जाएगी। जरूरत पडने पर न्याय के लिए न्यायालय में केस फाईल किया जाएगा।


सोमवार, 24 अप्रैल 2017

छात्रवृत्ति के लिए छात्रों ने लगाई कलेक्टर से गुहार

जांजगीर चांपा।शासकीय मिडिल स्कूल कोटाडबरी के छात्राओं ने छात्रवृत्ति के लिए जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से गुहार लगाई,,, छात्रों को पिछले 2 साल से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है,,, जिसकी शिकायत लेकर सोमवार को दर्जनों छात्राएं अभिभावकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे,,, जहां छात्रवृत्ति के संबंध में शिकायत की,,,कलेक्टर ने छात्रवृत्ति भुगतान एक हफ्ते के भीतर कराने छात्रों को आश्वस्त किया।
शिकायत करने कलेक्टोरेट पहुंचे मुस्कान,संध्या व सरस्वती लहरे ने बताया कि वे सरकारी मिडिल स्कूल कोटाडबरी में पढ़ाई कर रहे थे,,,लेकिन पिछले दो सालों से कक्षा छठवीं,सातवी व आठवीं के छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है,,,जिसकी शिकायत लेकर तकरीबन 14-15 छात्राएं आज दोपहर को कलेक्ट्रेट पहुंचे और छात्रवृत्ति का शीघ्र भुगतान कराने कलेक्टर से गुहार लगाई,,,कलेक्टर ने शीघ्र छात्रवृत्ति भुगतान कराने छात्रों को आश्वस्त किया। इस अवसर पर कई छात्रों के अभिभावक भी उनके साथ कलेक्टोरेट पहुंचे थे।
चिलचिलाती धूप में भटकती रही छात्राएं
छात्रवृत्ति के लिए जिला मुख्यालय पहुंची छात्राएं कलेक्टोरेट में शिकायत के पहले दोपहर तकरीबन 12 बजे इधर-उधर भटक रहे थे,,,वहीं कलेक्टर से गुहार लगाने के घंटो बाद चिलचिलाती धूप में बस का इंतजार करने मजबूर थे।