शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

गुहा निषाद राज जयंती एवं राज्य स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन 20 को कोरबा में ,,,राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में होगा कार्यक्रम...


मिशन क्रांति न्यूज.
जांजगीर चाम्पा। छत्तीसगढ़ निषाद,केंवट समाज कोरबा के द्वारा भक्त गुहा निषाद राज जयंती समारोह एवं दसवां राज्य स्तरीय युवक-युवती, विधवा-विधुर परिचय सम्मेलन का आयोजन केंवट भवन बुधवारी बाजार कोरबा में 20 जनवरी को प्रातः 10 बजे से रखा गया है,, आयोजन समिति के अध्यक्ष  अमरनाथ कैवर्त ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्टाम्प एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती रेणु अग्रवाल महापौर कोरबा, शामिल होंगी,,,,विशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ निषाद केंवट समाज के प्रदेश अध्यक्ष  नेहरू निषाद, महासचिव  सीताराम निषाद जी, एवं केंद्रीय समिति शिवरीनारायण के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद कैवर्त , महासचिव ललित कैवर्त शामिल होंगे,,,  श्री श्री भक्त गुहा निषाद राज जयंती में समाज के द्वारा कोरबा जिला के नवनिर्वाचित विधायक,पुरुषोत्तम कंवर जी विधायक कटघोरा,मोहित राम केरकेट्टा विधायक पाली-तानाखार,समाज के प्रथम नव-निर्वाचित विधायक कुँवर सिंह निषाद जी विधायक गुंण्डरदेही (बालोद) का सम्मान समारोह,,, कार्यक्रम की अध्यक्षता मछुआ महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष  एम.आर.निषाद  के द्वारा किया जाएगा एवं धन्यवाद ज्ञापन सभापति कार्तिक राम कैवर्त के सानिध्य में होगा,!  सुबह 10:30 बजे भगवान श्रीराम की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा,,,दोपहर 12 बजे भव्य शोभायात्रा निकाला जाएगा,,,,,,,,1 बजे से युवक-युवती परिचय सम्मेलन,तथा समाज के प्रतिभावान एवं प्रदेश स्तरीय खेलकूद में विशिष्ट स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं का सम्मान, के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा,,, विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन के साथ ही समाज के वैवाहिक पत्रिका का प्रकाशन के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा,,, विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी लगभग 1000 प्रतिभागियों के साथ 10 हजार से भी ज्यादा लोगों के सम्मिलित होने की संभावना है,,,,
निषाद समाज कोरबा के महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्रीमती अमृता निषाद ने कार्यक्रम को भव्य एवं सार्थक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी जिले से समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। 

बुधवार, 2 जनवरी 2019

पति की स्मृति में बीईओ कार्यालय परिसर में पत्नी ने रोपे पौधे...

◆ मिशन क्रांति न्यूज
जांजगीर-चाम्पा। बम्हनीडीह ब्लाक के सरहर के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक स्वर्गीय जयप्रकाश नागेश की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पूर्णिमा नागेश द्वारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। पौधरोपण के दौरान सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी  हिमांशु मिश्रा श्रीमती दीपिका और उस किंडो,कुमारी रत्ना थवाईत एवं परमेश्वर राठौर,संदीप यादव वैभव सिंह राज, संतोष महंत, द्वारिका राठौर, शरद चतुर्वेदी धरम दास मानिकपुरी एवं सभी कर्मचारीगण उपस्थित थे।


शनिवार, 29 दिसंबर 2018

गोधना के किसानों ने कर्नाटक पावर प्लांट द्वारा अधिग्रहित भूमि वापस कराने सीएम से की मांग ◆ राजेश्री महंत रामसुंदर दास के नेतृत्व में गोधना के किसानों ने की मुलाकात


 मिशन क्रांति न्यूज.
 जांंजगीर-चाम्पा। नवागढ़ ब्लाक के गोधना के किसानों ने कर्नाटक पावर  प्लांट के द्वारा अधिग्रहण किए गए भूमि को वापस कराने रायपुर जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की।  प्रभावित किसानों ने अपने मांग पत्र में कुल 1260 एकड़ जमीन किसानों को वापस करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।
ज्ञात हो कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री पद धारण करने तथा किसानों के हित में टाटा इस्पात संयंत्र द्वारा बस्तर में अधिग्रहित सत्रह सौ एकड़ जमीन किसानों को वापस किए जाने से प्रभावित होकर जिले में स्थापित होने वाले औद्योगिक संस्थानों द्वारा अधिग्रहित भूमि किसानों को वापस किए जाने की मांग रखने का मामला प्रकाश में आया है प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गोधना के किसानों ने अपनी मांगे राजेश्री डॉक्टर महंत रामसुंदर दास के समक्ष रखी और कहा कि  मुख्यमंत्री  ने बस्तर के किसानों की जमीन उन्हें वापस करने का आदेश दिया है अतः हमारी मांग भी उनके समक्ष पहुंचाने की दया करें महंत जी ने किसानों को मुख्यमंत्री जी से मुलाकात करा कर उनकी मांग उनके समक्ष रखी किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कर्नाटक पावर प्लांट कर्नाटक सरकार द्वारा स्थापित होने की बातें कह कर ग्राम गोधना सलखान एवं कुकदा की कुल 1260 एकड़ दो फसली उपजाऊ भूमि को अधिग्रहित कर ली गई है 7 वर्ष बीत जाने के पश्चात भी आज तक संबंधित भूमि में कोई भी उद्योग स्थापित नहीं हुआ है अतः अब जमीन किसानों को वापस किए जाने का आदेश प्रदान करने की मांग उन्होंने मुख्यमंत्री से की मुख्यमंत्री ने किसानों से पूछा कि जमीन किसी निजी कंपनी ने अधिग्रहित की है या शासन ने ? किसानों ने उन्हें बताया कि कर्नाटक सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहित है मुख्यमंत्री जी ने संपूर्ण मामले को संज्ञान में लेकर विचार पूर्वक निर्णय लेने का आश्वासन किसानों को दिया यहां यह उल्लेखनीय है कि श्री बघेल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहते हुए पद यात्रा के दौरान ग्राम गोधना पहुंचे थे जहां उन्होंने कांग्रेस की सरकार बनने पर जमीन वापस किए जाने का आश्वासन किसानों को दिया था
निर्मल दास वैष्णव ने ली थी किसानों की बैठक- यहां यह उल्लेखनीय है कि किसानों के बुलावे पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता निर्मल दास वैष्णव ने दिनांक 26 दिसंबर को गोधना पहुंचकर किसानों के प्रतिनिधि मंडल की बैठक ली थी और उन्हें उनके मांग के अनुरूप मुख्यमंत्री जी से मिला कर समस्या का यथासंभव समाधान करने के उचित पहल का आश्वासन दिया था उन्होंने यह बातें राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज के समक्ष रखी और उनके नेतृत्व में किसानों को मुख्यमंत्री से मिलाने में सहयोग की !
    उचित निर्णय से किसानों का होगा भला- यदि बस्तर की तरह यहां भी किसानों की भूमि उन्हें वापस की जाती है तो निश्चित ही सरकार द्वारा जनहित में उठाया गया यह एक क्रांतिकारी कदम होगा जिससे सैकड़ों किसानों के परिवार लाभान्वित होंगे, मुख्यमंत्री से राजधानी पहुंचकर मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में  जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता निर्मल दास वैष्णव ,कांग्रेस के युवा नेतृत्व जगदीश यादव, नारायण प्रसाद यादव, मंसाराम कश्यप, प्रहलाद साहू ,मनीराम साहू ,दादू राम साहू ,लखन लाल धीवर, शिव कुमार धीवर सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे

कर्जमाफी अन्नदाता किसानों के हित में,, राज्य सरकार के साहसिक कदम...किसानों के हालात बदलने केंद्र और राज्य सरकार को कारगर योजना लागू करने की दरकार...




डायमंड शुक्ला
संपादक
मिशन क्रांति न्यूज
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में इस बार सरकार बनने के दस दिनों बाद अन्नदाता, किसानों के कर्जमाफी का ऐलान किया था। जिस पर किसानों ने भरोसा जताया और शायद यही वजह है,,कि इस बार कांग्रेस के पक्ष में जनादेश आया,,विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत हुई...और राज्य में छत्तीसगढ़ के मुखिया ने दस दिनों में कर्जमाफी कर घोषणापत्र में किए वादे पूरा कर किसानों का भरोसा जीत लिया। वाकई यह सरकार का साहसिक कदम है...किसान हित में लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर राज्य सरकार भूपेश बघेल के प्रति अन्नदाताओं की उम्मीदें बढ़ गई है।

 हालांकि अभी चुनौतियां भी बहुत है,,विपक्षी पार्टी जहां सरकार के इस कदम को भी सही बताने की बजाय किसानों के कर्जमाफी में खामियां बताकर खुद को किसान हितैषी साबित करना चाह रहे हैं...पर जनता जनार्दन को सही गलत की परख है,,,पूर्व में उद्योगपति , व्यापारी,ठेकेदार और अपने चहेतों को लाभ दिलाने वाली रमन सरकार के मंत्री कई तरह के राग अलाप रहे हैं...एक मंत्री ने तो सार्वजनिक मंच से दस दिन में कर्जमाफी नहीं होने पर विधायक से इस्तीफा देने की बात तक कर डाली, लेकिन उसके बाद जनाब अपने बात से ही मुकर गए। आखिर इन नेताओं की यह पुरानी आदत जो रही है,,अब हकीकत छत्तीसगढ़ के जनता के सामने हैं...हालांकि किसानों के हालात बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर बहुत कुछ करने की दरकार है,,,सरकार जनहितैषी हो, खासकर भारत देश के अन्नदाता, किसानों के हित में काम हो...फैसला हो...क्योंकि आज भी राष्ट्र में गांवों में अन्नदाताओं की तादात  सबसे अधिक है,,और सबसे पिछड़े हुए भी हैं,,,किसानों के लिए कर्जमाफी बड़ी राहत है पर किसानों के हालात बदलने नीतिगत योजना बनाने की जरूरत है और उसका सही ढंग से क्रियान्वयन भी जरूरी है किसानों का  छत्तीसगढ़ सरकार पर भरोसा बढ़ा है...अब देखना यह है कि अन्नदाता किसानों के लिए किस तरह की योजनाएं लागू होती हो। जिससे किसान लाभान्वित हों और कृषि के प्रति अन्नदाताओं की रूची बढ़े।
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बुधवार, 26 दिसंबर 2018

तिवारी परिवार का वार्षिक सम्मेलन,,,पारिवारिक सदस्यों ने समिति गठित करने का लिया निर्णय

मिशन क्रांति न्यूज
जांजगीर- चाम्पा। नगर के अग्रसेन भवन नैला में 25 दिसंबर को तिवारी परिवार का वार्षिक सम्मेलन आयोजित हुआ।  जिसका मुख्य उद्देश्य पारिवारिक मिलन और पारिवारिक गतिविधियों के संबंध में चर्चा करना था। तिवारी परिवार का यह तीसरा वार्षिक सम्मेलन था। इस अवसर पर तिवारी परिवार द्वारा एक समिति गठित कर परिवार के जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहयोग प्रदान करने पर विचार विमर्श किया गया।

गौरतलब है कि तुलसी, केरा, मुनुंद,मारो,नारायणपुर,घुठिया व लमती सहित अन्य क्षेत्रों के तिवारी परिवार के सदस्यों को एकजुट करने नैला के अग्रसेन भवन में तिवारी परिवार द्वारा वार्षिक  सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बलदेव शर्मा, अरूण तिवारी,
बद्री प्रसाद शर्मा,अनिल शर्मा, प्रदीप शर्मा,सतीष शर्मा,जितेंद्र तिवारी, सतीष तिवारी शामिल हुए। अतिथियों ने तिवारी परिवार द्वारा आयोजित इस वार्षिक सम्मेलन की सराहना करते हुए। इस कार्यक्रम कोे अनवरत जारी रखने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा तिवारी और जितेंद्र तिवारी ने की। इस अवसर पर तिवारी परिवार के गया प्रसाद, गोरे प्रसाद, हरनारायण,व्यास नारायण, सुरेश,शशिभूषण,प्रकाश, देवेंद्र,दिनेश,नरेश, धर्मेंद्र, जितेंद्र, भूपेंद्र,नरेंद्र, मनमथ व दीपक शर्मा सहित तिवारी परिवार के सदस्य उपस्थित थे।





बुधवार, 12 दिसंबर 2018

छत्तीसगढ़ के किसान,युवा बेरोजगार और पीडि़त जनता ने भाजपा को किया सत्ता से बेदखल...


◆ छग. में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत,,,घोषणा पत्र का चला जादू...
◆ जनादेश से बढ़कर कोई ताकत नहीं...
।। त्वरित टिप्पणी ।।
डायमंड शुक्ला
संपादक 
मिशन क्रांति न्यूज
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पिछले पंद्रह सालों से छ.ग. में सत्ता पर काबिज भाजपा की इस बार करारी हार जनमानस के आक्रोश का नतीजा है, छत्तीसगढ़ में जब 2003 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा पर जनता ने भरोसा जताया और भाजपा को सत्ता सौंप दी। डॉ रमन सिंह ने छग. के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाला। निश्चित ही मुख्यमंत्री के रूप में डॉ सिंह का पांच साल का प्रथम कार्यकाल सराहनीय रहा। छग. के जनता का उन्होंने विश्वास जीता। जिसका लाभ उन्हें 2008 के विधानसभा चुनाव  में मिला और वे दोबारा सत्ता हासिल करने में कामयाब रहे। पर डॉ रमन सिंह का यह कार्यकाल महज ढाई साल तक ठीक रहा। उसके बाद जनमानस की समस्याओं को नजरअंदाज कर पार्टी और मंत्रीयों पर ध्यानाकर्षण रहा।  मंत्रीयों  ने जनप्रतिनिधि का दायित्व छोड़कर खुद को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने पर जोर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप 2013 के चुनाव में एंटी चोटी एक करनी पड़ी और बमुश्किल सरकार बनाने में कामयाब रहे। हालांकि इसके बावजूद कुछ भाजपाई मंत्रीयों के तेवर किसी हिटलर शासक से कम नहीं दिखे। तब तक भाजपा सरकार इस तीसरे कार्यकाल में किसानों की समस्याएं भूल चूके थे छ.ग. के युवाओं की बेरोजगारी से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहा, सरकारी नौकरी में आऊटसोर्सिंग इसका जीता  जागता उदाहरण रहा। वहीं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने सरकार पूरी तरह नाकाम रही। और महंगाई में बेतहासा वृद्धि ने आमजनमानस के कमर तोड़ दी। छ.ग. में मंत्री,उद्योगपति और ठेकेदार आर्थिक रूप से सुदृढ़ होते गए और गरीब और गरीब हो गए। खासकर किसान और युवा बेरोजगारों के लिए इन पंद्रह सालों में भाजपा सरकार के पास कोई कार्ययोजना नहीं। अफसरसाही हावी हो चला, जनता गरीबी और समस्याओं के जाल में उलझ गए। पर सरकार ने सिर्फ झूठे आश्वाशन के मरहम लगाए। हालांकि 2018 में चौथी बार भाजपा अपनी सरकार चुनाव के नजदीकी के मद्देनजर गरीबों को मोबाइल बांटकर रिझाने का असफल प्रयास किया लेकिन जनादेश सेे कांग्रेस नेे  ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भाजपा को इस बार सत्ता से बेदखल कर दिया। यह जनादेश है जनता की ताकत है। जनमानस ने कांग्रेस को प्रचंड बहुमत से जीताकर छग में सरकार बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है अब देखना होगा कि कांग्रेस क्या छत्तीसगढ़ के किसान और बेरोजगारों के विश्वास पर खरा उतर पाएगी। क्या कांग्रेस सरकार अपनी घोषणापत्र के अनुरूप काम करके जनमानस को दिलासा दिलाने में कामयाब होगा, यह बड़ा सवाल है हालांकि छ.ग. में कांग्रेस की वापसी पंद्रह सालों बाद हुआ है तो सारे वादे पूरा करेंगे ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ के किसान,युवा बेरोजगार और पीडि़त जनता ने भाजपा को किया सत्ता से बेदखल

◆ छग. में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत,,,घोषणा पत्र का चला जादू...
◆ जनादेश  से बढ़कर कोई ताकत नहीं...
त्वरित टिप्पणी
डायमंड शुक्ला
संपादक
मिशन क्रांति न्यूज
पिछले पंद्रह सालों से छ.ग. में सत्ता पर काबिज भाजपा की इस बार करारी हार जनमानस के आक्रोश का नतीजा है, छत्तीसगढ़ में जब 2003 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा पर जनता ने भरोसा जताया और भाजपा को सत्ता सौंप दी। डॉ रमन सिंह ने छग. के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाला। निश्चित ही मुख्यमंत्री के रूप में डॉ सिंह का पांच साल का प्रथम कार्यकाल सराहनीय रहा। छग. के जनता का उन्होंने विश्वास जीता। जिसका लाभ उन्हें 2008 के विधानसभा चुनाव  में मिला और वे दोबारा सत्ता हासिल करने में कामयाब रहे। पर डॉ रमन सिंह का यह कार्यकाल महज ढाई साल तक ठीक रहा। उसके बाद जनमानस की समस्याओं को नजरअंदाज कर पार्टी और मंत्रीयों पर ध्यानाकर्षण रहा।  मंत्रीयों  ने जनप्रतिनिधि का दायित्व छोड़कर खुद को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने पर जोर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप 2013 के चुनाव में एंटी चोटी एक करनी पड़ी और बमुश्किल सरकार बनाने में कामयाब रहे। हालांकि इसके बावजूद कुछ भाजपाई मंत्रीयों के तेवर किसी हिटलर शासक से कम नहीं दिखे। तब तक भाजपा सरकार इस तीसरे कार्यकाल में किसानों की समस्याएं भूल चूके थे छ.ग. के युवाओं की बेरोजगारी से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहा, सरकारी नौकरी में आऊटसोर्सिंग इसका जीता  जागता उदाहरण रहा। वहीं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने सरकार पूरी तरह नाकाम रही। और महंगाई में बेतहासा वृद्धि ने आमजनमानस के कमर तोड़ दी। छ.ग. में मंत्री,उद्योगपति और ठेकेदार आर्थिक रूप से सुदृढ़ होते गए और गरीब और गरीब हो गए। खासकर किसान और युवा बेरोजगारों के लिए इन पंद्रह सालों में भाजपा सरकार के पास कोई कार्ययोजना नहीं। अफसरसाही हावी हो चला, जनता गरीबी और समस्याओं के जाल में उलझ गए। पर सरकार ने सिर्फ झूठे आश्वाशन के मरहम लगाए। हालांकि 2018 में चौथी बार भाजपा अपनी सरकार चुनाव के नजदीकी के मद्देनजर गरीबों को मोबाइल बांटकर रिझाने का असफल प्रयास किया लेकिन जनादेश सेे कांग्रेस नेे  ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भाजपा को इस बार सत्ता से बेदखल कर दिया। यह जनादेश है जनता की ताकत है। जनमानस ने कांग्रेस को प्रचंड बहुमत से जीताकर छग में सरकार बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है अब देखना होगा कि कांग्रेस क्या छत्तीसगढ़ के किसान और बेरोजगारों के विश्वास पर खरा उतर पाएगी। क्या कांग्रेस सरकार अपनी घोषणापत्र के अनुरूप काम करके जनमानस को दिलासा दिलाने में कामयाब होगा, यह बड़ा सवाल है हालांकि छ.ग. में कांग्रेस की वापसी पंद्रह सालों बाद हुआ है तो सारे वादे पूरा करेंगे ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
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