◆ छग. में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत,,,घोषणा पत्र का चला जादू...
◆ जनादेश से बढ़कर कोई ताकत नहीं...
।। त्वरित टिप्पणी ।।
डायमंड शुक्ला
संपादक
मिशन क्रांति न्यूज
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पिछले पंद्रह सालों से छ.ग. में सत्ता पर काबिज भाजपा की इस बार करारी हार जनमानस के आक्रोश का नतीजा है, छत्तीसगढ़ में जब 2003 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा पर जनता ने भरोसा जताया और भाजपा को सत्ता सौंप दी। डॉ रमन सिंह ने छग. के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाला। निश्चित ही मुख्यमंत्री के रूप में डॉ सिंह का पांच साल का प्रथम कार्यकाल सराहनीय रहा। छग. के जनता का उन्होंने विश्वास जीता। जिसका लाभ उन्हें 2008 के विधानसभा चुनाव में मिला और वे दोबारा सत्ता हासिल करने में कामयाब रहे। पर डॉ रमन सिंह का यह कार्यकाल महज ढाई साल तक ठीक रहा। उसके बाद जनमानस की समस्याओं को नजरअंदाज कर पार्टी और मंत्रीयों पर ध्यानाकर्षण रहा। मंत्रीयों ने जनप्रतिनिधि का दायित्व छोड़कर खुद को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने पर जोर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप 2013 के चुनाव में एंटी चोटी एक करनी पड़ी और बमुश्किल सरकार बनाने में कामयाब रहे। हालांकि इसके बावजूद कुछ भाजपाई मंत्रीयों के तेवर किसी हिटलर शासक से कम नहीं दिखे। तब तक भाजपा सरकार इस तीसरे कार्यकाल में किसानों की समस्याएं भूल चूके थे छ.ग. के युवाओं की बेरोजगारी से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहा, सरकारी नौकरी में आऊटसोर्सिंग इसका जीता जागता उदाहरण रहा। वहीं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने सरकार पूरी तरह नाकाम रही। और महंगाई में बेतहासा वृद्धि ने आमजनमानस के कमर तोड़ दी। छ.ग. में मंत्री,उद्योगपति और ठेकेदार आर्थिक रूप से सुदृढ़ होते गए और गरीब और गरीब हो गए। खासकर किसान और युवा बेरोजगारों के लिए इन पंद्रह सालों में भाजपा सरकार के पास कोई कार्ययोजना नहीं। अफसरसाही हावी हो चला, जनता गरीबी और समस्याओं के जाल में उलझ गए। पर सरकार ने सिर्फ झूठे आश्वाशन के मरहम लगाए। हालांकि 2018 में चौथी बार भाजपा अपनी सरकार चुनाव के नजदीकी के मद्देनजर गरीबों को मोबाइल बांटकर रिझाने का असफल प्रयास किया लेकिन जनादेश सेे कांग्रेस नेे ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भाजपा को इस बार सत्ता से बेदखल कर दिया। यह जनादेश है जनता की ताकत है। जनमानस ने कांग्रेस को प्रचंड बहुमत से जीताकर छग में सरकार बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान किया है अब देखना होगा कि कांग्रेस क्या छत्तीसगढ़ के किसान और बेरोजगारों के विश्वास पर खरा उतर पाएगी। क्या कांग्रेस सरकार अपनी घोषणापत्र के अनुरूप काम करके जनमानस को दिलासा दिलाने में कामयाब होगा, यह बड़ा सवाल है हालांकि छ.ग. में कांग्रेस की वापसी पंद्रह सालों बाद हुआ है तो सारे वादे पूरा करेंगे ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

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