संपादक
मिशन क्रांति न्यूज
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में इस बार सरकार बनने के दस दिनों बाद अन्नदाता, किसानों के कर्जमाफी का ऐलान किया था। जिस पर किसानों ने भरोसा जताया और शायद यही वजह है,,कि इस बार कांग्रेस के पक्ष में जनादेश आया,,विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत हुई...और राज्य में छत्तीसगढ़ के मुखिया ने दस दिनों में कर्जमाफी कर घोषणापत्र में किए वादे पूरा कर किसानों का भरोसा जीत लिया। वाकई यह सरकार का साहसिक कदम है...किसान हित में लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर राज्य सरकार भूपेश बघेल के प्रति अन्नदाताओं की उम्मीदें बढ़ गई है।
हालांकि अभी चुनौतियां भी बहुत है,,विपक्षी पार्टी जहां सरकार के इस कदम को भी सही बताने की बजाय किसानों के कर्जमाफी में खामियां बताकर खुद को किसान हितैषी साबित करना चाह रहे हैं...पर जनता जनार्दन को सही गलत की परख है,,,पूर्व में उद्योगपति , व्यापारी,ठेकेदार और अपने चहेतों को लाभ दिलाने वाली रमन सरकार के मंत्री कई तरह के राग अलाप रहे हैं...एक मंत्री ने तो सार्वजनिक मंच से दस दिन में कर्जमाफी नहीं होने पर विधायक से इस्तीफा देने की बात तक कर डाली, लेकिन उसके बाद जनाब अपने बात से ही मुकर गए। आखिर इन नेताओं की यह पुरानी आदत जो रही है,,अब हकीकत छत्तीसगढ़ के जनता के सामने हैं...हालांकि किसानों के हालात बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर बहुत कुछ करने की दरकार है,,,सरकार जनहितैषी हो, खासकर भारत देश के अन्नदाता, किसानों के हित में काम हो...फैसला हो...क्योंकि आज भी राष्ट्र में गांवों में अन्नदाताओं की तादात सबसे अधिक है,,और सबसे पिछड़े हुए भी हैं,,,किसानों के लिए कर्जमाफी बड़ी राहत है पर किसानों के हालात बदलने नीतिगत योजना बनाने की जरूरत है और उसका सही ढंग से क्रियान्वयन भी जरूरी है किसानों का छत्तीसगढ़ सरकार पर भरोसा बढ़ा है...अब देखना यह है कि अन्नदाता किसानों के लिए किस तरह की योजनाएं लागू होती हो। जिससे किसान लाभान्वित हों और कृषि के प्रति अन्नदाताओं की रूची बढ़े।
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