मंगलवार, 19 जून 2018

पिछड़ा वर्ग के लोगों का भरोसा जीतने सारे हथकंडे अफना रहे जनप्रतिनिधि,बड़े ओहदे पर पहुंचने की इच्छा हो गई प्रबल

0 सालों तक अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं की नहीं ली सूध,,,अब उनके हित में काम करने की हो रही बात...
जांजगीर-चाम्पा। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी पार्टी के लोग टिकट की दावेदारी के लिए तरह-तरह के हथकंडे अफना रहे हैं..कभी जनसंपर्क के माध्यम से तो ...कभी जनप्रतिनिधि कोई कार्यक्रम के बहाने खुद का शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं...इसी परिपेक्ष्य में गत दिवस खैरताल में भी जिला पंचायत सदस्य ज्योति किशन कश्यप ने पिछड़ा वर्ग के लोगों का भरोसा जीतने और उनके वोट हासिल करने  वोट बैंक की सामाजिक राजनीतिकरण करने एक सम्मेलन कराया,,,जो पूरी तरह आगामी चुनाव के रणनीति के तहत था।  जिसमें पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ताम्रध्वज साहू राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र चंद्राकर,अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष  दिनेश शर्मा की उपस्थिति रहे। इस दौरान पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण दिलाने सहित कई तरह के प्रलोभन देकर रिझाने यह सम्मेलन हुआ।  यहां यह बताना लाजमी होगा कि श्रीमती ज्योति किशन कश्यप जांजगीर चाम्पा विधानसभा के लिए खुद को टिकट के लिए प्रबल दावेदार मानती है जबकि कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा लगातार तीन बार जिला पंचायत सदस्य रहे और लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं उन्होंने भी कई बार जांजगीर-चाम्पा विधानसभा से चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने कांग्रेस पार्टी से टिकट के लिए प्रबल दावेदारी की,,,लेकिन आज पर्यंत पार्टी ने उन पर टिकट को लेकर किसी तरह विश्वास नहीं जताया जिसकी वजह से श्री शर्मा टिकट से वंचित रह गए...मजे की बात तो यह है कि ज्योति किशन राजनीति के क्षेत्र में और कांग्रेस पार्टी में बिल्कुल में नई है... वे पहली बार जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव में किस्मत आजमाई चूंकि श्री शर्मा के  क्षेत्र होने की वजह से और कांग्रेसियों के बेहतर सपोट व प्रचार प्रसार की वजह से प्रथम बार में ही उन्होंने जीत हासिल कर ली लेकिन उसके बाद क्षेत्र की समस्याओं को लेकर उन्होंने कभी कोई बड़ा मुद्दा नहीं उठाया। सिर्फ जनसंपर्क कर लोगों का विश्वास जीतने और बड़े स्तर की राजनीति कर बड़े ओहदे पर पहुंचने की इच्छा प्रबल हो गई। जी हां वे खुद को जांजगीर- चाम्पा विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए प्रबल दावेदार मानती हैं
जबकि वर्तमान में इस क्षेत्र से कांग्रेस से मोतीलाल देवांगन विधायक हैं ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या महज एक बार जिला पंचायत सदस्य बन जाने या फिर जनहित मुद्दों को नजर अंदाज कर सिर्फ खुद की शक्ति प्रदर्शन कर देने से पार्टी से टिकट मिल जाएगी जबकि देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी जिस दौर से गुजर रही है,,,इन हालातों में वे सिटिंग एमएलए को छोड़कर दूसरे पर भरोसा जताएंगे यह बड़ा सवाल है। वहीं दूसरी ओर जांजगीर-चाम्पा विधानसभा से  कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि इंजी. रवि पाण्डेय भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है जो कि पार्टी में काफी लंबे समय से सक्रिय हैं और निर्वाचित जनप्रतिनिधि नही होते हुए भी जनसंपर्क कर जनता की समस्याएं सुनकर निराकरण पर जोर दे रहे हैं अब यह.तो वक्त ही बताएगा कि चुनावी समर में किस पर पार्टी भरोसा कर उसे मैदान में उतारेंगे...लेकिन कांग्रेस में जिस तरह खुद को बेहतर साबित करने का दौर चल रहा है यह वक्त है बदलाव का इसे कांग्रेसी किस हद तक साबित कर पाएंगे...यह वक्त ही बताएगा। बहरहाल खैरताल में हुए पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को लेकर जनता जनार्दन बखूबी वाकिफ है और इसे जनता सामाजिक राजनीतिक समीकरण के रूप में मान रही है। जनमानस समझदार है अब उन्हे सही गलत की

शुक्रवार, 15 जून 2018

तालाब को संरक्षित रखने 73 वर्षीय बुजुर्ग ने लिया संकल्प

डायमंड शुक्ला
0 स्थानीय ठेकेदार और ग्रामीणों की मदद से सरकारी तालाब को कराया सात फीट गहरा
जांजगीर-चाम्पा। सरोवर को धरोवर मानने वाले अकलतरा ब्लाक के लटिया गांव के एक तिहत्तर वर्षीय बुजूर्ग ने अपने गांव के तलाबों को संरक्षित रखने का अकेले ही बीड़ा उठाया है...वे प्रकृति प्रेमी है..पर्यावरण के संतुलन पर उनका हमेशा जोर रहता है...जल संवर्धन पर जोर देने वाले लटिया निवासी नारायण सिंह सेंगर भले ही 72 की उम्र पार कर गए हों लेकिन तालाबों को बचाने,संरक्षित रखने उनका जोश और जुनून किसी युवा से कम नहीं है...जी हां हम बात कर रहे हैं अकलतरा ब्लाक के ग्राम पंचायत लटिया की जो अकलतरा से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है...यहां नारायण सिंह सेंगर ने  तकरीबन 5 एकड़ में फैले डोंगिया तालाब के संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हूए पास के प्लांट प्रबंधन और स्थानीय ठेकेदारों से मदद लेते हुए 7 फीट गहरा तालाब खुदवाकर एक मिसाल कायम की है...इस संबंध में श्री सेंगर ने बताया कि वाटर लेबल सिर्फ शहर में ही कम नही हो रहा है बल्कि गवों में भी अब पेयजल की समस्या बढ़ती ही रही है... जो गंभीर समस्या है आने वाले समय में स्थिति और भी भयावाह हो जाएगी। इसलिए गांवों के कुंए और तालाबों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है...श्री सेंगर ने बताया कि उनके मन में हमेशा ही तालाबों को बचाने और उनका गहरीकरण कराने की मंशा रही है और इसी परिपेक्ष्य में अपने इस दिली इच्छा को मूर्त रूप देने दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ उन्होनें स्थानीय प्लांट प्रबंधन और लोगों की मदद से गांव के डोंगरी तालाब के गहरीकरण का काम शुरू कराया,,,और  तालाब को सात फीट गहरा खोदा गया। जिससे तालाब संरक्षित तो हुआ ही इससे जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। श्री सेंगर ने बुजूर्ग होते हुए भी हिम्मत नहीं हारी और 20 दिनों तक चले इस गहरीकरण काम में तेज धूप में भी वे तालाब किनारे डटे रहते थे। आखिरकार उनका यह प्रयास सफल हुआ और आज लटिया का तालाब सुरक्षित हो गया। जिससे ग्रामीणों में खुशी है। वहीं श्री सेंगर अपने इस संकल्प को पूरा करने गांव के ही एक अन्य तालाब को गहरीकरण कराने जुट गए हैं। 

कुर्रु तालाब को गहरीकरण करने प्रयास जारी
तालाब को संरक्षित रखने में लगे श्री सेंगर अब गांव के कुर्रु तालाब को गहरीकरण कराने में लग गए हैं...उसके लिए शासन -प्रशासन को पत्राचार करने की बात कर रहे हैं हालांकि उनका यह भी मानना है कि स्थानीय  प्लांट  प्रबंधन को भी अवगत कराते हुए तालाब गहरीकरण में सहयोग चाही गई है। अगर अभी बारिश नही होती है तो इसी साल कुर्रु तालाब का गहरीकरण हो जाएगा। बहरहाल प्रयास जारी है और इस तालाब को भी गहरीकरण कराने एड़ी चोटी एक कर रहे हैं जबकि श्री सेंगर के परिवार इन तालाबों के पानी का उपयोग नहीं करते। उनके घर में ही ट्यूबवेल की सुविधा है लेकिन तालाब को बचाने श्री सेंगर को जूनून सवार है अब देखना यह है कि वे अपने इस काम में किस हद तक सफल हो पाते है।  
ग्राम पंचायत से प्रस्तावित है तालाब गहरीकरण 
तालाब गहरीकरण का काम मनरेगा के तहत भी कुछ दिन तक कराया गया, लेकिन राशी की कमी वजह से तालाब में कोई खास गहरीकरण का काम नजर नही आया। ऐसे में श्री सेंगर का संकल्प काम आया और उन्होंने तालाब को सात फीट गहरा खुदवाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। 

विकास यात्रा के बहाने सरकारी खजाने से करोड़ो का वारा न्यारा

डायमंड शुक्ला 
संपादक मिशन क्रांति न्यूज
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विकास यात्रा के बहाने सरकारी खजाने से करोड़ो का वारा न्यारा 
0 जनमानस के हित के लिए नहीं बल्कि पार्टी के प्रचार के लिए अपनाए जा रहे सारे हथकंडे
0 विपक्षी पार्टी के नेताओं को भी कोई सरोकार नहीं
सत्तासीन पार्टी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में चलाए जा रहे विकास यात्रा में खुद की वाहवाही गिनाने सरकारी खजाने से करोड़ों  रूपये खर्च करने की तैयारी है...यह सिलसिला शुरू भी हो चुका है...जहां पंडाल से लेकर सरकार के आने जाने में करोड़ो रूपये पानी की तरह बहाए जाएंगे...जिलेवार विकास यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गई है...जहां निर्धारित तिथि के अनुसार तैयारी में प्रशासनिक अमला जुटे हुए हैं। सवाल यह है कि जहां आज भी गरीबी,भूखमरी और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं...ऐसे में महज विकास की गाथा सुनाने के लिए करोड़ो अरबों रूपये इसलिए खर्च कर दिए जाएंगे...क्योंकि उन्हें जनमानस के विकास से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास यात्रा कितना सार्थक होगा। यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। बहरहाल सरकार अपने मंसूबे पर तो कामयाब हो जाएगी। पर आम जनमानस कब तक सरकार के इस तरह की गतिविधियों को सहर्ष स्वीकार करेगी। क्योंकि सवाल राज्य का है देश का है...विकास को अगर बताने व जताने की जरूरत पड़ी। वह भी रूपये का इस तरह बंदरबाट करके तो सही मायने में क्या यही  विकास माना जाएगा। यह बड़ा सवाल है। सरकारी तंत्र की मनमानी से लोकतंत्र कहीं कमजोर ना पड़ जाए...अपनी सहुलियत व सुविधानुसार जिस तरह सरकार विकास के बहाने अपनी पीठ थपथपा रही है इससे तो ऐसा ही लगता है कि 
एक तरफ विकास के लिए खर्च तो दूसरी ओर उपलब्धियां गिनाने विकास का गुणगान करने सरकारी खजानों का बंदरबांट...यही है विकास।  वहीं विपक्षी दल के दिग्गज और जनप्रतिनिधि भी खुद आगामी विधानसभा  चुनाव में खुद की साख बचाने लोगों से संपर्क साधने में लगे हैं ऐसे में भला जनता जनार्दन करे क्या। उनके लिए तो बस सरकार सर्वोपरी है...सरकार भी जनता का विश्वास जीतने भरसक प्रयास कर रही है...यह भी एक चुनावी फंडा से कम नहीं जहां सरकार को अपने कार्यकाल में हुए कामों की उपलब्धियां गिनाने विकास यात्रा का सहारा लेना पड़ रहा है...वाह रे सरकार...
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शनिवार, 21 अप्रैल 2018

सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के विधायकों की अनदेखी,,,उज्जवला दिवस में कांग्रेस से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जगह बीजेपी के कार्यकर्ताओं को बनाया गया मुख्य अतिथि

जांजगीर-चाम्पा। सरकारी खर्चे पर आयोजित उज्जवला दिवस के आयोजन में  सत्तासीन पार्टी के इशारे पर किस तरह सरकारी नुमाइंदों द्वारा कांग्रेस के विधायकों की उपेक्षा की गई। इसकी बानगी 20 अप्रैल को जांजगीर-चाम्पा और अकलतरा विधान सभा क्षेत्र में देखने को मिला। जहां कांग्रेस से जांजगीर चाम्पा विधायक मोतीलाल देवांगन और अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू को अपने ही क्षेत्र में आयोजित महती योजना के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि से वंचित कर दिया गया। दुर्भावना तरह अपमान किया गया। इसे सत्तासीन पार्टी के दुर्भावना की राजनीति कहें या सरकारी नुमांइदों की लापरवाही। क्योंकि यह कार्यक्रम पूर्व नियोजित था जिसमें केंद्र सरकार के निर्देशानुसार ही जिले के 22 ग्राम पंचायतों में 20 अप्रैल को उज्जवला दिवस मनाया जाना था।  जिसमें निर्वाचित सांसद व कांग्रेस के विधायकों को छोड़ सभी विधायकों को मुख्य अतिथि बनाया गया,, क्षेत्रीय विधायक होने के बावजूद उनके स्थान पर बीजेपी के अदना से कार्यकर्ताओं को मुख्य अतिथि बनाकर कार्यक्रम के दिशा निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। जबकि यह आयोजन सरकारी खर्चे पर आयोजित था। जिसकी संपूर्ण वयवस्था की जिम्मेदारी गैंस एजेंसी संचालको को करने आदेशित किया गया था। इसके बावजूद इतनी बड़ी चूक हुई या फिर सत्तासीन पार्टी के दुर्भावना की राजनीति की वजह से कांग्रेस के विधायकों को छोड़ बाकी विधायकों को सरकारी आयोजन का मुख्य अतिथि बनाया। वहीं कांग्रेस के विधायकों के जगह भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं को मुख्य अतिथि बनाकर नियमों की अनदेखी कर सत्तासीन पार्टी का गुणगान किया गया। 

अधिकारियों ने साधी चुप्पी 
उज्जवला दिवस में जिले के कांग्रेस के विधायको को छोड़ सांसद व अन्य तीन विधायकों मुख्य अतिथि बनाए जाने के सवालों पर इंडियन आयल के सेल्स आफिसर व उज्जवला के नोडल अधिकारी विजय सुधाकर वर्तक और जिले के खाद्य अधिकारी श्री घोरे ने चुप्पी साध ली हालांकि श्री वर्तक ने इसे बड़ी चूक बताते हुए विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पर कार्यवाही की बात कही। 
भाजपा सरकार कर रही दुर्भावना की राजनीति 
इस संबंध में अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू ने इसे दुर्भावना की राजनीति करार देते हुए कहा कि सत्तासीन पार्टी द्वारा हर बार सरकारी आयोजनों में खासकर कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान किया जाता है जो पूर्व नियोजित रहता है भाजपा सरकार ने नई परिपाटी शुरू कर दी है। जो लोकतंत्र के लिए घातक है। 

गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

कांग्रेस सांसदों के सदन में हंगामा से नाराज भाजपाई आज रखेंगे उपवास उपवास रहकर एक दिवसीय करेंगे प्रदर्शन


जांजगीर.चाम्पा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों द्वारा कुछ नए प्रस्ताव के विरोध में सदन में हंगामा करना लोकतंत्र का अपमान हैएएलोकतंत्र एक मंदिर है जिसमें जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया जाता है इसी परिपेक्ष्य में सदन में प्रस्ताव की कार्रवाई चल रही थीए जिसका विपक्ष के सांसदों ने उसका विरोध करते हुए सदन में जमकर हंगामा किया। जिससे कार्रवाई बाधित हो गई। ऐसे में जिसका सीधा नुकसान आम जनता को हुआ है कांग्रेसियों की इन गलत मंशा को जनता के बीच रखने जिला मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी द्वारा कचहरी चौक में  गुरूवार को एक दिवसीय धरना व उपवास रखा जाएगा। उक्त बातें क्षेत्रीय सांसद कमला पाटले ने अपने निवास में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। श्रीमती पाटले ने कहा कि लोकसभा में जिस तरह कांग्रेस के सांसदों द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव का विरोध किया गया। और उन्हें पारित नहीं करने हंगामा करते हुई कार्रवाई पर सीधा दखल दिया गया। जिससे प्रस्ताव पारित नहीं हो सकाए जो जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव थेएएवहीं राज्यसभा में भी योजना संबंधी प्रस्तावों के विरोध में जमकर हंगामा लोकतंत्र  व जनता का अपमान हैएएइससे ना सिर्फ सदन की कार्रवाई बाधित हुईएबल्कि जनकल्याणकारी योजन जिनको प्रस्ताव के बाद अमलीजामा पहनाया जाना था उन्हें भी पूर्णतरू बाधित कर दिया गया है पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने  बताया कि कांग्रेस हंगामा करके जनता को उन्हें मिलने वाले योजनाओं के लाभ से वंचित कर रहे हैं जिसके विरोध में एक दिवसीय उपवास और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष मेधाराम साहूएएलीलाधर सुल्तानियाएब्यास कश्यपएभाजयुमो जिला अध्यक्ष राजू महंतए जिला महामंत्री अमर सुल्तानिया व कार्तिकेश्वर स्वर्णकार उपस्थित थे।
केंद्र सरकार का आदेश सर्वोपरी
पत्रकारों के सवालों से घिरे सांसद ने आरक्षण से संबंधित एक सवाल के जवाब में न्यायालय के आदेश और भारतीय जनता पार्टी के केंद्र सरकार आदेश पर सरकार के फरमान को सर्वोपरी बताते हुए उनके ही मार्गदर्शन पर चलने की बात कही। पहली प्राथमिकता सरकार को देने की बात कही। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि सांसद ने उक्त मुद्दे पर सवाल ना करने पत्रकारों से गुजारिश की।

बुधवार, 31 मई 2017

सुरक्षा परिषद मे स्थाई सदस्यता के लिए भारत प्रबल दावेदार - राजू महंत

0 भौगोलिक,राजनैतिक,आर्थिक व सामाजिक दृष्टिकोण से पूरी तरह परिपूर्ण
0 विश्व का सबसे बड़ा लोक तांत्रिक देश है भारत
जांजगीर चाम्पा। भारत संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक देश रहा है,अब तक सात बार सुरक्षा परिषद का सदस्य चुना जा चुका है भारत को अस्थायी सदस्यता के चुनाव में अभूतपूर्व समर्थन मिला। सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत प्रबल दावेदार है। उक्त बातें भाजयुमो के जिलाध्यक्ष राजू महंत ने कही वे दैनिक आज की जनधारा से चर्चा कर रहे थे। श्री महंत ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 1945  में 70  साल पहले हुई थी। जिसमें पांच बड़े व शक्तिशाली देशों को सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता प्रदान की गई थी। चार्टर के अध्याय पांच में परिषद के गठन का वर्णन है। यह संयुक्तराष्ट्र संघ का कार्यकारी अंग हैं तथा विश्वशांति व सुरक्षा के लिए मूल रूप से उत्तरदायी है। मूल चार्टर में 11 सदस्य थे जिसमें 5  स्थाई व 6 रूस,चीन,फ्रांस व ब्रिटेन स्थाई देशों में शामिल है। अस्थाई सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा दो तिहाई बहुमत से 2 साल के लिए चुना जाता है,,,संयुक्तराष्ट्र संघ की जिम्मेदारी शांति,सुरक्षा के अलावा संयुक्त राष्ट्र में नए राष्ट्रों का प्रवेश,महासचिव का चयन,अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ती,चार्टर में संशोधन,सदस्यों का निष्कासन आदि विषयों पर महासभा के निर्णय के पहले सुरक्षा परिषद की सहमती आवश्यक है इसिलिए सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे शक्तिशाली व महत्वपूर्ण अंग है।इसकी स्थाई सदस्यता किसी भी देश के लिए शक्ति व प्रभाव का प्रतिक है। श्री महंत ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत देश की स्थाई सदस्यता पर जोर देते हुए कहा कि भारत भौगोलिक,राजनैतिक, आर्थिक व सामाजिक दृष्टिकोण से पूरी तरह परिपूर्ण है, विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है,,,भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टिकोण से भी काफी प्रबल है, वहीं विश्वशांति में भी भारत देश की महती भूमिका रहा है जिसे कतई नकारा नहीं जा सकता है। इसके बावजूद भारत देश को संयुक्तराष्ट्र संघ में स्थाई सदस्यता नहीं मिल पाना अनुचित है,,,उन्होने कहा कि विश्व शांति की बात करें तो उसमें भी हमारे देश की महत्वपूर्ण भूमिका रही,,,भारत ने 1950 - 53  तथा के कोरिया युद्ध व हिन्द चीन की समस्या में मध्यस्थता कर शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है भारत ने हमेशा परमाणु नि:शक्तिकरण की एक व्यापक व सुनीयोजित योजना प्रस्तुत की है। भारत ने सदैव आतंकवाद का विरोध किया है। भारत लंबे समय से आतंकवाद का दंश झेल रहा है लेकिन इसके बावजूद भारत ने कभी भी हिंसा व मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं किया है।भारत समय-समय पर विश्वमंच में आतंकवाद के खिलाफ आवाज मुखर करता रहा है व शांति स्थापना पर जोर देता रहा है इसलिए विश्व शांति व पड़ोसी देशों के साथ भारत का सौहार्दपूर्ण संबंध भारत की स्थाई सदस्यता का मजबूत आधार है।

शुक्रवार, 5 मई 2017

सरपंच की मिलीभगत से निस्तारी तालाब में अवैध ईंट भट्ठे का कारोबार

कार्यवाही के नाम पर खनिज विभाग के अफसरों ने लेनदेन कर की खानापूर्ति
जेसीबी से काट दिए गए हैं तालाब के पार, विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह का मामला

मिशन क्रांति न्यूज , जांजगीर.चांपा। ग्राम पंचायत बम्हनीडीह की महिला सरपंच की मिलीभगत से निस्तारी तालाब में ईंट भटृठे का कारोबार धडल्ले से चल रहा है सरपंच पति का दावा है कि पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित कर संबंधित को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति दी गई है। भट्ठा संचालक तालाब और उसके पार की अवैध रूप से खुदाई करवाकर लाखों की संख्या में ईंट बनवा रहा है। विकासखंड मुख्यालय में कई वरिष्ठ अफसर पदस्थ होने के बावजूद ईंट भट्ठा संचालक सारे नियम.कायदों को ताक पर रखकर अपना अवैध कारोबार जारी रखे हुए है।
जिले भर में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। किसी ने खेत में भट्ठा लगाया है तो कोई सरकारी जमीन में भट्ठा लगाकर मोटी रकम कमा रहा है। विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में तो ईंट भट्ठा लगाने सारे नियम.कायदों को ताक पर रख दिया गया है। दरअसलए बम्हनीडीह बस्ती के बाहर एक निस्तारी तालाब बोकरमाल स्थित हैए जो गर्मी की वजह से वर्तमान में पूरी तरह सूख गया है। मुख्य मार्ग से गुजरते समय यह तालाब आसानी से नजर नहीं आता। आसपास पेड़ और मकान होने से इस तालाब पर बाहरी लोगों की नजर तक नहीं पड़तीए जिसका सरपंच और उसके पति ने पूरा फायदा उठाया है। बम्हनीडीह सरपंच और उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट के फरमान की धज्जियां उड़ाते हुए इस तालाब को ईंट भट्ठा लगाने के लिए किराए पर दे दिया है। बताया जा रहा है कि सरपंच ने इस तालाब में ईंट भट्ठा लगवाने के लिए ग्राम पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित किया हैए जिसके आधार पर तालाब में भट्ठा लगाने ग्राम के ही बसंत कुम्हार नामक व्यक्ति को खुली छूट दी गई है। इसकी जानकारी होने पर बुधवार को जब कुछ मीडियाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया तो वहां कई चौंकाने वाली बाते सामने आई। पूछताछ में पता चला कि बम्हनीडीह सरपंच और उसके पति ने बसंत कुम्हार नामक जिस व्यक्ति को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति दी हैए उस अवैध कारोबार का संचालन असल में बम्हनीडीह निवासी मिट्ठू जायसवाल और उसका पुत्र कर रहा है। बसंत कुम्हार नामक व्यक्ति केवल मोहरा हैए जबकि वास्तव में तालाब में लगे सारे भट्ठे मिट्ठू जायसवाल और उसके पुत्र के हैं। सरपंच और उसके पति के संरक्षण में पिता.पुत्र ने कायदे.कानून और सुप्रीम कोर्ट के फरमान की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इन्होंने तालाब के चारों ओर पार को एक्सीवेटर से कटवा दिया हैए जिससे निकली मिट्टी का उपयोग ईंट तैयार करने में किया जा रहा है। तालाब के भीतर अवैध रूप से बोर उत्खनन भी करवाया गया हैए जिसके पानी से ईंट बनवाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहींए ईंट पकाने के लिए यहां चोरी के कोयले को धड़ल्ले से खपाया जा रहा है।
लेनदेन कर मामला निपटाने की पेशकश
बुधवार की दोपहर तालाब के भीतर संचालित ईंट भट्ठे में कुछ मीडियाकर्मियों के पहुंचकर फोटोग्राफ्स लिए जाने की खबर जैसे ही भट्ठा संचालक मिट्ठू जायसवाल के पुत्र तक पहुंचीए वह तत्काल वहां पहुंचा। पहले तो उसने खुद को ईमानदार बताते हुए नियमों के तहत भट्ठा संचालित होने की बात कहीए लेकिन जब उसकी दाल नहीं गली तो वह सेटिंग करने लगा। भट्ठा संचालक के पुत्र ने मौके पर सरपंच पति टीमन सिंह राज को भी बुलवा लिया और उससे सिफारिश कराईए लेकिन बात नहीं बनता देख वह खुद के गरीब होने की दुहाई देते हुए किसी तरह मामले को रफा.दफा करने की मिन्नतें करने लगा। मगर मीडियाकर्मियों के आगे उसकी एक न चलीए तब सरपंच पति टीमन सिंह राज ने कहा कि तालाब के भीतर संचालित भट्ठा अवैध नहीं है। इसके लिए बकायदा पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है।
सरपंच पति के संरक्षण में अवैध कारोबार
मौके पर उपस्थित सरपंच पति टीमन सिंह राज ने कहा कि कोई अफसर आ जाएए ईंट भट्ठा संचालक का कुछ बिगाड़ नहीं सकता। इतना कहकर सरपंच पति वहां से चला गया। इसके बाद भी भट्ठा संचालक मिट्ठू जायसवाल का पुत्र काफी देर तक इस मामले को मीडिया तक नहीं लाने की गुहार लगाता रहा। इस पूरे वाक्ये में एक बात यह सामने आई कि भट्ठा संचालक ने अवैध कारोबार को अंजाम देने स्थानीय अफसरों से तगड़ी सेटिंग कर रखी है। वहीं खनिज विभाग के अफसरों को मुंहमांगी रकम दी गई हैए तभी तो मुख्य मार्ग में स्थित तालाब के भीतर अवैध रूप से ईंट भट्ठा संचालित होने के बाद भी जिम्मेदार अफसर आंखों में काली पट्टी बांधकर धृतराष्ट बने हुए हैं।
जुर्माना ठोंककर निपटा दिया मामला
बम्हनीडीह के निस्तारी तालाब में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे की शिकायत कुछ दिन पहले खनिज विभाग के अफसरों तक पहुंची थीए तब खनिज निरीक्षक बंजारे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे भी थे। मौका मुआयना करने के बाद टीम ने भट्ठे की सभी ईंटों को जब्त कर संचालक पर 12 हजार रुपए जुर्माना किया था। साथ ही संचालक को चेतावनी दी थी कि ईंट और वहां रखे सारे सामान उसी स्थिति में होने चाहिएए जिस स्थिति में टीम ने वहां छापा मारकर जब्ती कार्यवाही की है। भट्ठा संचालक ने जुर्माने की राशि का चालान बैंक में जमा तो करवा दियाए लेकिन टीम के वहां से जाने के चंद घंटे बाद सरपंच और उसके पति के संरक्षण में यह अवैध कारोबार फिर शुरू हो गयाए जो लगातार जारी है। खास बात यह है कि भट्ठे में पहुंचकर ईंटों की जब्ती बनाने वाली खनिज विभाग की टीम ने दोबारा वहां पहुंचकर वर्तमान हालात का जायजा लेना तक मुनासिब
उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन
ग्राम पंचायत बम्हनीडीह के सरपंच और उसके पति ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को खुला चैलेंज किया है। यही वजह है कि नियमों को ताक पर रखकर निस्तारी तालाब में अवैध ईंट भट्ठा का कारोबार जारी है। सरपंच पति टीमन सिंह राज का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के किसी आदेश.निर्देश की परवाह नहीं करता। तालाब को ईंट भट्ठा के लिए देने के संबंध में ग्राम पंचायत में बकायदा प्रस्ताव पारित हुआ है। यदि चाहें तो सूचना का अधिकार के तहत आवेदन देकर प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति ले सकते हैं। उसका यह भी कहना है कि उसकी पहुंच ऊपर तक है। वह बड़े.बड़े नेता और कई प्रशासनिक अफसरों को अपनी जेब में लेकर चलता है। यहां बताना लाजिमी होगा कि प्राकृतिक जलस्त्रोतों के संरक्षण को लेकर एक ओर जहां सुप्रीम कोर्ट गंभीर है और लोगों की निस्तार की समस्या को देखते हुए कलेक्टर की पहल पर नहरों के माध्यम से तालाबों को भरने का प्रयास किया जा रहा हैए वहीं दूसरी ओर विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में सरपंच और उसके पति ने नियम.कायदों को ताक पर रखकर चंद रूपयों की खातिर निस्तारी तालाब को ही किराए पर दे दिया है।
कार्यवाही के लिए दिया निर्देश
निस्तारी तालाब में ईंट भट्ठा लगाना गैरकानूनी है। सरपंच या ग्राम पंचायत को तालाब में ईंट भट्ठा लगाने के लिए अनुमति देने का अधिकार नहीं है। खनिज अधिकारी को मौके पर भेजकर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्यवाही होगी।
.डीके सिंह अपर कलेक्टरए जांजगीर