शुक्रवार, 15 जून 2018

तालाब को संरक्षित रखने 73 वर्षीय बुजुर्ग ने लिया संकल्प

डायमंड शुक्ला
0 स्थानीय ठेकेदार और ग्रामीणों की मदद से सरकारी तालाब को कराया सात फीट गहरा
जांजगीर-चाम्पा। सरोवर को धरोवर मानने वाले अकलतरा ब्लाक के लटिया गांव के एक तिहत्तर वर्षीय बुजूर्ग ने अपने गांव के तलाबों को संरक्षित रखने का अकेले ही बीड़ा उठाया है...वे प्रकृति प्रेमी है..पर्यावरण के संतुलन पर उनका हमेशा जोर रहता है...जल संवर्धन पर जोर देने वाले लटिया निवासी नारायण सिंह सेंगर भले ही 72 की उम्र पार कर गए हों लेकिन तालाबों को बचाने,संरक्षित रखने उनका जोश और जुनून किसी युवा से कम नहीं है...जी हां हम बात कर रहे हैं अकलतरा ब्लाक के ग्राम पंचायत लटिया की जो अकलतरा से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है...यहां नारायण सिंह सेंगर ने  तकरीबन 5 एकड़ में फैले डोंगिया तालाब के संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हूए पास के प्लांट प्रबंधन और स्थानीय ठेकेदारों से मदद लेते हुए 7 फीट गहरा तालाब खुदवाकर एक मिसाल कायम की है...इस संबंध में श्री सेंगर ने बताया कि वाटर लेबल सिर्फ शहर में ही कम नही हो रहा है बल्कि गवों में भी अब पेयजल की समस्या बढ़ती ही रही है... जो गंभीर समस्या है आने वाले समय में स्थिति और भी भयावाह हो जाएगी। इसलिए गांवों के कुंए और तालाबों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है...श्री सेंगर ने बताया कि उनके मन में हमेशा ही तालाबों को बचाने और उनका गहरीकरण कराने की मंशा रही है और इसी परिपेक्ष्य में अपने इस दिली इच्छा को मूर्त रूप देने दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ उन्होनें स्थानीय प्लांट प्रबंधन और लोगों की मदद से गांव के डोंगरी तालाब के गहरीकरण का काम शुरू कराया,,,और  तालाब को सात फीट गहरा खोदा गया। जिससे तालाब संरक्षित तो हुआ ही इससे जल संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। श्री सेंगर ने बुजूर्ग होते हुए भी हिम्मत नहीं हारी और 20 दिनों तक चले इस गहरीकरण काम में तेज धूप में भी वे तालाब किनारे डटे रहते थे। आखिरकार उनका यह प्रयास सफल हुआ और आज लटिया का तालाब सुरक्षित हो गया। जिससे ग्रामीणों में खुशी है। वहीं श्री सेंगर अपने इस संकल्प को पूरा करने गांव के ही एक अन्य तालाब को गहरीकरण कराने जुट गए हैं। 

कुर्रु तालाब को गहरीकरण करने प्रयास जारी
तालाब को संरक्षित रखने में लगे श्री सेंगर अब गांव के कुर्रु तालाब को गहरीकरण कराने में लग गए हैं...उसके लिए शासन -प्रशासन को पत्राचार करने की बात कर रहे हैं हालांकि उनका यह भी मानना है कि स्थानीय  प्लांट  प्रबंधन को भी अवगत कराते हुए तालाब गहरीकरण में सहयोग चाही गई है। अगर अभी बारिश नही होती है तो इसी साल कुर्रु तालाब का गहरीकरण हो जाएगा। बहरहाल प्रयास जारी है और इस तालाब को भी गहरीकरण कराने एड़ी चोटी एक कर रहे हैं जबकि श्री सेंगर के परिवार इन तालाबों के पानी का उपयोग नहीं करते। उनके घर में ही ट्यूबवेल की सुविधा है लेकिन तालाब को बचाने श्री सेंगर को जूनून सवार है अब देखना यह है कि वे अपने इस काम में किस हद तक सफल हो पाते है।  
ग्राम पंचायत से प्रस्तावित है तालाब गहरीकरण 
तालाब गहरीकरण का काम मनरेगा के तहत भी कुछ दिन तक कराया गया, लेकिन राशी की कमी वजह से तालाब में कोई खास गहरीकरण का काम नजर नही आया। ऐसे में श्री सेंगर का संकल्प काम आया और उन्होंने तालाब को सात फीट गहरा खुदवाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। 

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