जांजगीर-चाम्पा। गलत इंजेक्शन लगाने से एक नाबालिग लड़की की मौत का का मामला प्रकाश में आया है पिता ने अपनी बेटी के मौत के लिए बिर्रा के एक डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराते हुए थाने में इसकी शिकायत कर डॉक्टर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने की गुहार लगाई है। शिकायत में बिर्रा निवासी राधेश्याम साहू ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी सावित्री साहू के पैर में दर्द होने पर उन्हें डॉक्टर यू आर देवांगन के पास ले गया, जहां उन्होंने इलाज की बात करते हूए पांच इंजेक्शन लगाए,जिससे सावित्री की हालत सुधरने की बजाय बिगड़ने लगी। वह बेहोश हो गई। नाक से खून आने लगा व मुंह से लार और झाग निकलने लगा सावित्री के मामा ने डॉ से पूछा कि क्या हो रहा है तो डॉक्टर ने कहा कि कुछ नहीं इंजेक्शन के गर्मी के वजह से ऐसा हुआ है तबीयत बिगड़ते देख डॉक्टर ने सावित्री को इलाज के लिए चाम्पा ले जाने को कहा। सावित्री को गंभीर हालत में परिजन इलाज कराने चाम्पा लेकर जा रहे थे तभी तालदेवरी के पास सावत्री ने दम तोड़ दिया। हालांकि परिजनों ने सावित्री को चाम्पा के मिशन हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने परीक्षण करके सावित्री को मृत घोषित कर दिया। बहरहाल अभी इस मामले में कितनी सच्चाई है यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन इस मौत ने फिर एक बार डॉक्टरों पर सवालियि निशान खड़ा कर दिया है कि आखिर इलाज के नाम पर मोटी कमाई के फेर में किस तरह कुछ लापरवाह डॉक्टर मरीजों के जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।

डॉक्टर की लापरवाही से कई लोगों की गई जान
परिजनों ने डॉ यू.आर.देवांगन पर आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही की वजह से इसके पहले भी कुछ लोगों को इलाज के दौरान अपनी जान गवानी पड़ी है। परिजनों ने आरोप लगाया कि श्री देवांगन आयुर्वेदिक डाक्टर होने के बावजूद भी धड़ल्ले से अंग्रेजी दवाइयों का उपयोग कर मरीजों के जान से खेल रहा है । कुछ साल पहले भी दो तीन मरीजों
की जान ले चुका है। डॉ यू.आर.देवांगन किसी भी प्रकार के कार्रवाई नहीं होने के कारण उनके हौसले बुलंद है।
------


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें